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Janta Ki Awaz

भोजपुरी कहानिया - Page 2

फिर एक कहानी और श्रीमुख "छड़ी"

20 Oct 2020 1:15 PM GMT
आज बड़े दिनों बाद मिसिराइन खुश थीं। अलमारी से अपने कपड़े निकाल कर सूटकेस में रखती मिसिराइन को लग रहा था जैसे हवा में उड़ी जा रही हों। गाँव की...

' विदाई '

28 Sep 2020 11:35 AM GMT
आज से 90-95 वर्ष पूर्व।तमकुही राज के राजमहल की नृत्यशाला।तकधिकधिनाकधिनक तिर्किट तकधा किट तकधा........छम छमक छम.........तबले की थाप के साथ थिरकते...

शारदा बाबू की गर्जना

28 Sep 2020 11:34 AM GMT
'कैसी व्यवस्था है इनकी ये?' शारदा बाबू की गर्जना सुनकर अनवरत चलने वाला समय भी जैसे रुक गया। ' कैसे असभ्य लोगों के यहां रिश्ता करवा दिया तुमने...

बरखा बहार आई

25 Sep 2020 10:15 AM GMT
धान के दो पौधे बारी-बारी से घुटनों से मेरा पैर छूआ तो न चाहते हुए भी मैं मेड़ पर बैठ गया। वे दोनों पहले तो थोड़ा झिझके, शर्माए फिर मुझे देखता देखकर...

बोरी, आखिर है किसकी! इनकी या मेरी....

17 Sep 2020 9:59 AM GMT
माह में दो-तीन बार गेहूँ पिसवाने जाता हूँ. कल भी चक्की पर गया था (आम बोलचाल में आटा ही पिसवाता हूँ लेकिन यहाँ इतना पेंचकश लगाने वाले हैं इसलिए यहाँ...

बहे पुरवइया रे ननदी....

24 Aug 2020 12:50 PM GMT
पिछले सप्ताह भर से पुरुवा हवा चलने लगी है। हवा के साथ एक-आध औछार बारिश भी रोज हो ही जाती है। मेरे जैसे किसी ठेठ देहाती के लिए हवा के साथ नाचते...

सावन के रंग और गांव...

22 July 2020 3:48 PM GMT
पहले सावन का महीना कौवों के उचरने का महीना होता था। आंगन की मुंडेर पर बैठे कौवे से महिलाएं पूछतीं, 'कोई आ रहा है?' और यदि कौवे ने उड़ कर हामी भर...

फिर एक कहानी और..... (कजरी)

19 July 2020 11:34 AM GMT
मखमली गद्दे पर बैठी उस अद्वितीय सुन्दरी ने अपने पैरों को थोड़ा सा हिलाया, पैर में बंधे घुंघरू बोल उठे। साजिन्दों को इशारा मिला, तबले-सारंगी पर...

गाँव, मनोहर- संगीता की शादी और कोरोना माई

6 Jun 2020 12:39 PM GMT
नैसर्ग भले महाराष्ट्र को तबाह कर रही हो, पर गाँव घर के किसानों के जीवन पर मोती बरसा रही है। पछुआ हवा के साथ बारिश की छोटी बूँदें जब किसान की भाग्य...

सहोदर...

24 May 2020 12:22 PM GMT
वर्षों छोटी अदालतों में काम करने के बाद अंततः प्रमोशन पाकर जिला जज के यहां पेशकार हो गए डबलू पाँड़े । सो इस बार जब गाँव पधारे तो रंग - ढंग और...

मजाकिया : आशीष त्रिपाठी

9 May 2020 4:12 PM GMT
बड़े भाई हरिनाथ पढ़े - लिखे विद्वान आदमी थे , उनके पीछे लोगों का हुजूम और उनके द्वारा बड़े भाई की प्रशंसा देख रतिनाथ को कोफ्त होती । रतिनाथ के पास विद्या ...

जेकर पियवा बसे परदेस सखी

7 May 2020 11:50 AM GMT
वैसे टाई आज भी सही से बंध तो नहीं पाई थी लेकिन बिल्लू और झिनकी को उनके अँग्रेजी मीडियम वाले स्कूल ड्रेस में देख के धनेसरी का हृदय गर्व से उन्नत हुआ जा ...
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