Top

भोजपुरी कहानिया

  • बोरी, आखिर है किसकी! इनकी या मेरी....

    माह में दो-तीन बार गेहूँ पिसवाने जाता हूँ. कल भी चक्की पर गया था (आम बोलचाल में आटा ही पिसवाता हूँ लेकिन यहाँ इतना पेंचकश लगाने वाले हैं इसलिए यहाँ लिखने में 'मैं गेहूं पिसवा रहा हूँ').आटा चक्की पर गेहूँ पिसने के बाद मेरी बोरिया वेइंग स्केल पर रखी गई. वजन कुल बत्तीस किलो पांच सौ ग्राम लगभग...नाक तक...

  • बहे पुरवइया रे ननदी....

    पिछले सप्ताह भर से पुरुवा हवा चलने लगी है। हवा के साथ एक-आध औछार बारिश भी रोज हो ही जाती है। मेरे जैसे किसी ठेठ देहाती के लिए हवा के साथ नाचते धान के पौधों का बारिश में भीगना लगभग वैसा ही है, जैसे यश चोपड़ा की फिल्मों में बारिश में भीगती नायिका... सच कहूँ तो बारिश में नहा रही फसल हम देहातियों...

  • सावन के रंग और गांव...

    पहले सावन का महीना कौवों के उचरने का महीना होता था। आंगन की मुंडेर पर बैठे कौवे से महिलाएं पूछतीं, 'कोई आ रहा है?' और यदि कौवे ने उड़ कर हामी भर दी तो उनका रोम रोम खिल उठता कि बेटी आ रही है। अब गाँव में न झूले पड़ते हैं, न नई पीढ़ी की कोई लड़की कजरी गाना जानती है, और न ही हरी चूड़ियां बेचने वाली...

  • फिर एक कहानी और..... (कजरी)

    मखमली गद्दे पर बैठी उस अद्वितीय सुन्दरी ने अपने पैरों को थोड़ा सा हिलाया, पैर में बंधे घुंघरू बोल उठे। साजिन्दों को इशारा मिला, तबले-सारंगी पर सिद्ध उंगलियां खेलने लगीं। उसने मुस्कुरा कर गीत कढाया... श्रोता झूम उठे। सिक्के बरसने लगे... सुन्दरी की मुस्कान फैल गयी। कोने में बैठे उस सजीले...

  • गाँव, मनोहर- संगीता की शादी और कोरोना माई

    नैसर्ग भले महाराष्ट्र को तबाह कर रही हो, पर गाँव घर के किसानों के जीवन पर मोती बरसा रही है। पछुआ हवा के साथ बारिश की छोटी बूँदें जब किसान की भाग्य रेखा पर गिरती है तो लगता है जैसे मजदूर के माथे पर पसीने की फसल उग आई हो। कोई खेतों में है तो कोई रास्तों में। कोई मक्के की कटाई में व्यस्त है, तो कोई धान ...

  • सहोदर...

    वर्षों छोटी अदालतों में काम करने के बाद अंततः प्रमोशन पाकर जिला जज के यहां पेशकार हो गए डबलू पाँड़े । सो इस बार जब गाँव पधारे तो रंग - ढंग और मोटरसाइकिल नया - नया लग रहा था ।फराकित होकर लौट रहे मास्टर सुरेश पाँड़े की नजर उन पर पड़ी तो पूछ बैठे - ' का रे डबलू ! खूब तरक्की पा गये बचवा ? 'डबलू पाँड़े...

  • मजाकिया : आशीष त्रिपाठी

    बड़े भाई हरिनाथ पढ़े - लिखे विद्वान आदमी थे , उनके पीछे लोगों का हुजूम और उनके द्वारा बड़े भाई की प्रशंसा देख रतिनाथ को कोफ्त होती । रतिनाथ के पास विद्या के नाम पर ऐसा कुछ नहीं था जिसके सहारे वो बड़े भाई को टक्कर दे पाएं लिहाजा उन्होंने एक नुस्खा निकाला , लोगों को हँसा - हँसा कर आकर्षित करने का , हास्य...

  • जेकर पियवा बसे परदेस सखी

    वैसे टाई आज भी सही से बंध तो नहीं पाई थी लेकिन बिल्लू और झिनकी को उनके अँग्रेजी मीडियम वाले स्कूल ड्रेस में देख के धनेसरी का हृदय गर्व से उन्नत हुआ जा रहा था ।दोनों बच्चों की बाहें पकड़े घर से बाहर निकली तो दरवाजे पर कुंडी लगाते हुए , कुएं पर बर्तन मांज रही प्रभावती को सुनाकर बोली - थोड़ा जल्दी जल्दी...

  • आपकी क़सम..!

    एक सुशिक्षित ग्रामीण महिला का गँवारों के बीच पहुंच जाना पता नहीं उसका दुर्भाग्य है या नहीं, किन्तु इतना तो तो सत्य है कि उस समाज का सौभाग्य होता है। ऐसे ही था ' सेखुई गाँव ' और उस गाँव में कुछ माह पूर्व ब्याह के आई ललिता का सम्बंध।राज्य सरकार की घोषणा सुनने के बाद कि , सभी प्रवासी कामगारों को...

  • शराब बंदी, दो फेज का लॉक डाउन खैनी पर काट दिए लेकिन : आशीष त्रिपाठी

    ऑरेंज जोन में पड़े थे चरित्तर बाबू । दो फेज का लॉक डाउन खैनी पर काट दिए लेकिन कभी माथे पर शिकन नहीं आने दिया कि कहीं बाबूजी ताड़ न लें और चार बात न सुना दें । तसल्ली इस बात की भी थी कि दारू बन्द होने के कारण अगर उनका गला सूखा है तो आस - पड़ोस में भी कौन सी हरियाली छाई हुई है ? दर्शन महतो का दामाद...

  • गुंजाइश : आशीष त्रिपाठी

    खाली पेट नींद क्या आनी थी फिर भी किसी तरह से इधर - उधर करवट बदलते हुए सोने का प्रयास कर रहे फोकट के कान में जब बच्चे के रोने की आवाज तीसरी बार पड़ी तो लाइट जलाकर बीबी पर चिल्लाया - ' एक बच्चा नहीं संभलता तुझसे साली ! आधी रात को किसके घर के बच्चे रो रहे होंगे ?'-'जिनके पेट खाली होंगे !!'...बीबी ने...

  • रासबिहारी : आशीष त्रिपाठी

    एक हैं रासबिहारी ,सौंदर्य के परम उपासक । राह चलते श्रृंगार रस से ओत - प्रोत द्विअर्थी पंक्तियां रच देना और किसी महिला को सुना देना उनका नित्य कर्म है । उनकी द्विअर्थी रचनाएँ सुन कुछ महिलाएं ही ही करती हुई घरों में भाग जाती हैं और जिनको बुरा लगता वो गाली दे देती हैं ।गालियों का रासबिहारी ने कभी बुरा ...

Share it