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Janta Ki Awaz

व्यंग ही व्यंग

परिस्थिति डामाडोल, विकराल है नज़ारा

16 April 2021 1:20 AM GMT
कड़ाई और अंकुश।पांव रहे हैं फैला।।कर्फ्यू और सख्ती।लगने की अंदेशा।।भयावह हो रही स्थिति।खौफ का है माहौल।।ध्वस्त किया महामारी।परिस्थिति डामाडोल।।विकराल...

शहीद हुए हैं जवानों का व्यर्थ न जाए बलिदान

6 April 2021 1:30 AM GMT
लो एक एक कर बदला।शहीद हुए हैं जवान।।व्यर्थ न जाए।।उनका यह बलिदान।।अपराधियों को दो सजा।ऐसी रूह कांप जाए।।कौन दे रहा असलहे?पता भी ये लगाएं।।आ चुका है...

आए दिन प्रचार के भाषा का हो रहा पतन : अभय सिंह

27 March 2021 2:14 AM GMT
भाषा पतन हो रहा।आए दिन प्रचार।।शब्दों का जो चयन?शब्द से बेड़ा पार।।जीतना है चुनाव।दे कर ऐसे बयान।।भूल जाते शालीनता।क्यों ना रखते ध्यान?अपशब्दों की...

उजागर हुआ मामला.....

22 March 2021 1:38 AM GMT
मिली थी हिदायत।रुपैया लाओ वसूल।।उजागर हुआ मामला।पकड़ लिया है तूल।।वाक्या है गंभीर।।ओहदे पर बैठे हैं।चुप्पी साधे वीर।।भक्षक बने सेवक।उद्देश्य जो...

आय व्यय का पिटारा दिया खोल, कोई है मातम में, कोई बोले बमबम

2 Feb 2021 2:56 AM GMT
आकलन आय व्यय। पिटारा दिया खोल।।पूरी होंगी आकांक्षाएं?या दिशा होगी तय?भांति भांति की बातें।नुक्कड़ और चौराहा।कही हो रहा हल्ला।और कई ने...

विस्फोट का षड्यंत्रकारी कौन आखिर?

31 Jan 2021 4:30 AM GMT
मौजूदा था ये पल।शांति और खुशहाल।।अन्यास हुआ बिस्फोट।हुआ है बुरा हाल।।षड्यंत्रकारी कौन आखिर?निष्प्रयोजन क्या ख़ास?अनुसंधान का जो दल।सख्ती से रहे...

बंद से क्या हुआ हासिल?

9 Dec 2020 1:54 AM GMT
कामयाब या नाकामयाब।कितना रहा बंद?विरोध एवं समर्थन।जायज था वो ढ़ंग?क्या हुआ हासिल?मूल्यांकन का इंतजार।।हुआ कितना सफल?मनन और विचार?रहा कौन नफे में?और...

नशीली ड्रग्स : अभय सिंह

23 Nov 2020 2:26 AM GMT
सेवन नशीली ड्रग्स।सिलसिला बरकरार।।गर्त में जीवन।नए कलाकार।।मादक पदार्थ लत।उजागर जो नाम।।सलाखों के पीछे।हो गए बदनाम?ठीक नही परंपरा।आए दिन...

सीमावर्ती देश है आतंकिस्तान : अभय सिंह

14 Nov 2020 1:39 AM GMT
सीमावर्ती पर देश ।है आतंकिस्तान।।निरंतर गोलीबारी।दहशतगर्दी में स्थान।।बुजदिली गतिविधियां।करता आकर्षित ध्यान।।नस नस में दहशत।बखूबी दुनिया रही जान।।सरहद ...

कौन करेगा राज?

7 Nov 2020 1:23 AM GMT
दिलचस्प बनी चुनाव। मुकाबला भी है बेजोड़।।खबरों में अमेरिका।चर्चा है चहूंओर।।आरोप प्रत्यारोप।है जग जो जाहिर।।दोनों ही तरफ का।खिलाड़ी हैं माहिर।।किसे...

कूच किये बंगाल : अभय सिंह

6 Nov 2020 1:51 AM GMT
निकटम है चुनाव।कूच किये बंगाल।।हालात जानने अंदरुनी।डेरा दिए है डाल।।उद्देश्य है अपूर्ण।फतह करना बंगाल।।जनमानस ठान लिया।बदलाव हर हाल।।पदार्पण उनके किले ...

बदले की है भावना बर्बरता पूर्ण काम : अभय सिंह

5 Nov 2020 3:57 AM GMT
हुई है गर चूक।कानून तहत करो काम।।कैसी यह मानसिकता?बर्बरता पूर्ण काम।।बदले की है भावना।ठीक नही ये चलन।।जाहिर है मनसा।करना जो दमन।।रची गई षड्यंत्र की।आ...