बीएमसी नतीजों के बाद सियासी तंज तेज: ‘मुंबई जाकर मिलूंगा’- निशिकांत दुबे का राज ठाकरे पर कटाक्ष, पुराने विवाद के अंत के संकेत

Update: 2026-01-16 11:44 GMT

रिपोर्ट : विजय तिवारी

नई दिल्ली।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र के निकाय चुनावों, खासकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के नतीजों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर तंज कसा है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दिए गए बयान में दुबे ने कहा कि वे जल्द ही मुंबई जाकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे। उनके इस बयान को पिछले साल चले आ रहे तीखे शब्द-संघर्ष के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

दरअसल, वर्ष 2025 के मध्य में महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में उत्तर भारतीयों पर कथित हमलों के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हुईं। भाजपा सहित कई दलों के नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय राजनीति पर सवाल उठाए। इसी कड़ी में निशिकांत दुबे ने भी सार्वजनिक रूप से इन घटनाओं का विरोध किया था।

दुबे के बयानों पर पलटवार करते हुए उस समय एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कड़ा रुख अपनाया था और दुबे को मुंबई आने की खुली चुनौती दी थी। इस बयानबाज़ी ने महाराष्ट्र की राजनीति में भाषा, पहचान और क्षेत्रीय अस्मिता जैसे संवेदनशील मुद्दों को फिर से केंद्र में ला दिया था। राजनीतिक गलियारों में इसे उत्तर भारतीय बनाम मराठी अस्मिता के रूप में भी देखा गया।

अब बीएमसी चुनावों के बाद दुबे का ताज़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वे मुंबई जाकर दोनों नेताओं से मुलाकात करेंगे। उन्होंने संकेत दिए कि पिछले साल शुरू हुआ विवाद अब समाप्ति की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, उनके तंज भरे शब्दों को विपक्ष ने चुनावी परिणामों के बाद की सियासी प्रतिक्रिया के रूप में देखा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीएमसी जैसे अहम निकाय चुनावों के बाद इस तरह के बयान न केवल महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी संदेश देने का माध्यम बनते हैं। एक ओर जहां इसे पुराने विवाद को विराम देने की कोशिश बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक दबाव और प्रतीकात्मक बयानबाज़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।

बीएमसी नतीजों के बाद यह बयान स्पष्ट करता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी तंज और तीखी प्रतिक्रियाएं अभी थमी नहीं हैं, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयान सामने आ सकते हैं।

Similar News