थाना सैफई में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल विवाह की रोकथाम के लिए दिलाई गई शपथ
(सुघर सिंह सैफई)
सैफई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत थाना सैफई परिसर में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को बाल विवाह की कानूनी परिभाषा, उससे होने वाले दुष्परिणामों और इसे रोकने के लिए उपलब्ध सहायता व शिकायत तंत्र की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में एएचटी प्रभारी प्रेमचंद्र ने बताया गया कि ऐसा कोई भी विवाह जिसमें लड़की की आयु 18 वर्ष से कम अथवा लड़के की आयु 21 वर्ष से कम हो, उसे कानूनन बाल विवाह माना जाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है बल्कि यह दंडनीय अपराध भी है। इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि “बाल विवाह को ना, शिक्षा को हां” का संदेश अपनाकर ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भरता की कुंजी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका या जानकारी मिले तो इसकी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन, पुलिस आपातकालीन सेवा, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी,बाल कल्याण समिति, जिला मजिस्ट्रेट व न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे बाल विवाह रोकने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी प्रकार की जानकारी गोपनीय रूप से साझा करें, ताकि समय रहते बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी, अवधेश कुमार, उपनिरीक्षक हेमंत, उपनिरीक्षक राजकुमार, उप निरीक्षक संजय कुमार दुबे, विनोद शुक्ला, प्रीती, अर्पित चाइल्ड लाइन आदि मौजूद रहे।