गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, फिर भी सरकार का दावा—यूपी में LPG की कमी नहीं
रिपोर्ट : विजय तिवारी
लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर हाल के दिनों में जमीनी स्तर पर मिश्रित तस्वीर सामने आई है। प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और तेल कंपनियों के माध्यम से आपूर्ति लगातार जारी है। वहीं कुछ जिलों से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने में अस्थायी दिक्कतों की सूचना भी सामने आई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, बस्ती, नोएडा, श्रावस्ती, फिरोजाबाद, गोरखपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की कतारें देखी गई हैं। कई जगह लोग सुबह से ही सिलेंडर प्राप्त करने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि अधिकांश स्थानों पर एजेंसियों द्वारा चरणबद्ध तरीके से वितरण जारी रखा गया है और लंबित बुकिंग को धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ क्षेत्रों में ऑनलाइन बुकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में तकनीकी समस्या, सर्वर धीमा होने, डिलीवरी में देरी और अचानक बढ़ी मांग के कारण वितरण की रफ्तार प्रभावित हुई। इसके चलते कई उपभोक्ताओं को निर्धारित समय से थोड़ी देर में सिलेंडर मिल पाने की स्थिति बनी।
सूत्रों के अनुसार परिवहन और सप्लाई चेन से जुड़ी अस्थायी बाधाओं के कारण कुछ गैस एजेंसियों को निर्धारित समय पर सीमित संख्या में सिलेंडर प्राप्त हुए, जिससे वितरण प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि आपूर्ति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ट्रकों और वितरण व्यवस्था को सक्रिय किया गया है, ताकि लंबित डिलीवरी जल्द पूरी की जा सके।
इस स्थिति का असर विशेष रूप से छात्रों, छोटे कारोबारियों, ढाबा संचालकों और किराये के मकानों में रहने वाले परिवारों पर देखा गया है, जिन्हें रोजमर्रा के कामकाज के लिए गैस सिलेंडर की आवश्यकता होती है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने बुकिंग के बाद एजेंसी से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली।
वहीं सकारात्मक पक्ष यह है कि सरकार और आपूर्ति तंत्र ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी का कुल भंडार पर्याप्त है और तेल कंपनियों के डिपो से लगातार सप्लाई भेजी जा रही है। जहां कहीं वितरण में बाधा की सूचना मिली है, वहां संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने और लंबित बुकिंग शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति मुख्य रूप से अस्थायी और तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है, जिसे तेजी से सामान्य किया जा रहा है। कई जिलों में सप्लाई की रफ्तार बढ़ने के बाद एजेंसियों पर लगी कतारें भी कम होने लगी हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन और गैस वितरण तंत्र का कहना है कि प्रदेश में एलपीजी की वास्तविक कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास जारी हैं, ताकि आने वाले दिनों में वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रहे।