सोनबरसा हादसा: चिल्लाते रहे बुजूर्ग पिता...सामने ही जल गए बेटा और दो नातिन, सामान लेने जा रहे थे दुकान पर
सोनबरसा हाईटेंशन तार हादसे में पता चला है कि विशुनपुर खुर्द गांव के हीरा निषाद (65) भी बेटे शिवराज निषाद (25) और दो नातिन के साथ बाइक पर सवार थे। रविवार शाम हुए इस हादसे में बेटे शिवराज और दो नातिन की तार के करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी। हीरा निषाद ने बताया कि रास्ते में किराने की दुकान पर कुछ सामान लेने बाइक से उतरे और बेटे को नहर किनारे मोड़ पर खड़े रहने के लिए कहा।
जैसे ही लौटे, उनके सामने ही बेटा और दो नातिन पर हाईटेंशन तार गिरा और वे जलने लगे। शोर मचाते हुए बहुत प्रयास किया, लेकिन आंख के सामने ही उनके बच्चे जलकर राख हो गए। यह कहते-कहते उनकी आंखें डबडबा गईं।
एम्स क्षेत्र के विशुनपुर गांव में सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद सुबह शिवराज निषाद, अदिति (03) और अन्नू (09) का शव घर पहुंचा। इस दौरान गांव में भीड़ एकत्रित हो गई। बुजुर्ग हीरा निषाद ने माड़ापार फरेन नाले के पास बेटे का दाह संस्कार किया। दोनों नातिन को कांपते हाथों से दफनाया। इस दौरान चौरीचौरा विधायक ई. श्रवण निषाद, एसडीएम चौरीचौरा प्रशांत वर्मा, सीओ कैंट योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि शिवराज का बड़ा भाई शिवमंगल राजस्थान में काम करता है। रविवार को भाई और नौ वर्षीय बेटी अन्नू के मौत की सूचना पर वह घर आने के लिए निकला। जिस बस से वह आ रहा था, रास्ते में वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि शिवमंगल को बहुत चोट नहीं आई है। दूसरी गाड़ी से वह घर आ रहा है।
घरवालों को रो-रोकर बुरा हाल
पति शिवराज और मासूम बेटी अदिति की मौत के बाद प्रमिला बदहवास हो गई हैं। रोते-रोते वह बेहोश हो जा रही हैं। शिवमंगल की बेटी अन्नू के साथ पढ़ने वाली गांव की खुशबू ने बताया कि दिनभर साथ में खेलती थी। रोज उसके साथ पढ़ने जाती थी। कक्षा तीन में पढ़ने वाली अन्नू पढ़ने में बहुत तेज थी।
घटनास्थल वाली जगह पर विभाग ने लगवाए खंभे
जिस जगह पर रविवार शाम को तार टूटने से घटना हुई थी, वहां विद्युत विभाग ने अधिकारियों के निर्देश पर सोमवार को खंभे लगवाए। जो तार ढीले थे, उसे टाइट किया जा रहा है।
सोनबरसा बाजार में सहमे व्यापारी
घटना के प्रत्यक्षदर्शी व्यापारी सहम गए हैं। उनमें इस कदर दहशत है कि वे खंभों से दूर होकर आ-जा रहे हैं। ऊपर लगे हाईटेंशन तार पर भी ध्यान दे रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऐसी घटना पहली बार देखी है।
बिजली विभाग की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। अगर समय से तारों पर ध्यान दिया गया होता तो यह हादसा नहीं हुआ होता। अब तो बिजली का नाम सुनकर ही डर लग रहा है: प्रियांशु सिंह, व्यापारी
कई बार बिजली विभाग के लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों से शिकायत की गई। समय से शिकायत सुनकर जिम्मेदार ध्यान दिए होते तो यहां इतनी बड़ी घटना कभी नहीं होती: परमेश्वर कश्यप, व्यापारी
अब तो बिजली के पोल के पास भी जाने से डर लग रहा है। जहां घटना हुई, वहीं बगल में दुकान है। सामने ही बाइक पर तार गिरा और आग लगी। जब तक बाहर आया, वे जल गए थे: सत्यम गुप्ता, व्यापारी