खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त राशन की आय सीमा बढ़ाने की मांग, राज्यसभा में जावेद अली खान ने उठाया मुद्दा
समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने सरकार से खाद्य सुरक्षा अधिनियम (FSA) के तहत मुफ्त राशन पाने वाले लाभार्थियों के लिए तय आय मानदंड में संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने यह मुद्दा राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान उठाया।
जावेद अली खान ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम को पारित हुए 13 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके तहत तय पात्रता मानदंड आज भी वही हैं, जो 2013 में लागू किए गए थे। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लोगों को गरीब मानते हुए लाभार्थी बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि बीते 13 वर्षों में देश में महंगाई में भारी वृद्धि हुई है और आर्थिक परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। सरकार ने अन्य कई क्षेत्रों में आय सीमा में संशोधन किया है—
आयकर स्लैब बदले गए,
2016 का वेतन आयोग लागू हुआ,
मनरेगा मजदूरी बढ़ाई गई,
यहां तक कि सांसदों के वेतन में भी वृद्धि की गई है।
इसके बावजूद, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता मानदंड में कोई बदलाव नहीं किया गया, जो अब जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।
सपा सांसद ने कहा कि पुराने आय मानदंडों के कारण आज भी आर्थिक रूप से कमजोर लाखों लोग मुफ्त राशन जैसी जरूरी सुविधा से वंचित होने के खतरे में हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्तमान महंगाई और आय स्तर को ध्यान में रखते हुए FSA के तहत पात्रता मानदंडों की समीक्षा की जाए, ताकि जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिलता रहे।