गुवाहाटी जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन: ब्रह्मपुत्र, विकास और कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक आरोप

Update: 2026-02-14 17:02 GMT

रिपोर्ट : विजय तिवारी

असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास, कनेक्टिविटी और ब्रह्मपुत्र नदी की अहम भूमिका पर विस्तार से बात की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत की प्रगति में ब्रह्मपुत्र सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि जीवनरेखा है, जिसने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, नए पुलों और सड़क परियोजनाओं के कारण यात्रा आसान हुई है और क्षेत्रीय व्यापार को नई गति मिली है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से ब्रह्मपुत्र पर कई महत्वपूर्ण पुल और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया, जिससे दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच मजबूत हुई है।

ब्रह्मपुत्र और कनेक्टिविटी पर जोर

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले ब्रह्मपुत्र को पार करना लोगों के लिए बड़ी चुनौती हुआ करता था, लेकिन हाल के वर्षों में बने पुलों और सड़कों ने इस स्थिति को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से न सिर्फ परिवहन आसान हुआ है, बल्कि पर्यटन, उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिला है।

उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और क्षेत्रीय विकास को स्थायी आधार मिल सके।

कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक आरोप

गुवाहाटी की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनके अनुसार, दशकों तक ब्रह्मपुत्र पर सीमित संख्या में ही पुल बनाए गए, जिससे असम के विकास की रफ्तार धीमी रही।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा दौर में “डबल इंजन सरकार” के मॉडल ने विकास की गति तेज की है और भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण राज्य में कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि पूर्व में असम को विकास के लिए पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली।

विकास योजनाएं, बजट और निवेश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में असम की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय आवंटन किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सड़क, हाईवे, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य मजबूत हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा होंगे। साथ ही पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होने की बात कही गई।

सुरक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश आज मजबूत स्थिति में है और सरकार सीमाओं की सुरक्षा तथा विकास दोनों पर समान रूप से ध्यान दे रही है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी कई राजनीतिक आरोप लगाए, जिससे जनसभा का माहौल राजनीतिक रूप से गर्म नजर आया।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है। जहां एक ओर विकास और कनेक्टिविटी का मुद्दा प्रमुख रहा, वहीं कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक और चुनावी मुद्दा बने रह सकते हैं। फिलहाल, गुवाहाटी की यह जनसभा विकास के दावों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों के कारण चर्चा में है।

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