छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ : हजारों नकली NCERT किताबें जब्त, अवैध छपाई नेटवर्क उजागर

Update: 2026-01-17 08:28 GMT

 

रिपोर्ट : विजय तिवारी

दिल्ली–उत्तर प्रदेश संयुक्त कार्रवाई में हजारों पायरेटेड पाठ्यपुस्तकें जब्तअवैध प्रिंटिंग यूनिट सील, सप्लाई नेटवर्क की देशभर में जांच तेज

नई दिल्ली/गाजियाबाद। मिलावट की जद में अब शिक्षा भी आ गई है। खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं के बाद देश की स्कूली शिक्षा की रीढ़ मानी जाने वाली NCERT पाठ्यपुस्तकों की अवैध छपाई और बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से हजारों नकली (पायरेटेड) NCERT किताबें बरामद की गई हैं। इस ऑपरेशन को शिक्षा जगत में पायरेसी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में एक माना जा रहा है।

गुप्त सूचना से खुला संगठित नेटवर्क

जांच एजेंसियों को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि स्कूल सत्र शुरू होने से पहले बाजार में कम कीमत पर ‘असली जैसी’ किताबें उतारी जा रही हैं। पुख्ता सूचना पर संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध छापा मारा। मौके पर अवैध प्रिंटिंग यूनिट और उससे जुड़े गोदाम को सील कर दिया गया।

बरामदगी : किताबों से लेकर मशीनरी तक

छापेमारी में सामने आया कि रैकेट पूरी तरह संगठित था। मौके से

विभिन्न कक्षाओं और विषयों की हजारों नकली NCERT पाठ्यपुस्तकें,

हाई-स्पीड प्रिंटिंग मशीनें,

कंटेंट व कवर छापने की मेटल/एल्युमिनियम प्लेट्स,

बड़ी मात्रा में कागज, स्याही, बाइंडिंग और पैकेजिंग सामग्री

जब्त की गई। किताबों की छपाई, कवर और लेआउट इस तरह तैयार किए गए थे कि आम उपभोक्ता के लिए असली-नकली में अंतर करना कठिन हो।

छात्रों के भविष्य से सीधा खिलवाड़

प्रारंभिक तकनीकी जांच में कई किताबों में अधूरी सामग्री, पुराने पाठ्यक्रम, मुद्रण त्रुटियां और गलत चित्र/आंकड़े पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी किताबें छात्रों की तैयारी, अवधारणात्मक समझ और परीक्षा परिणाम पर गंभीर नकारात्मक असर डाल सकती हैं—यानी यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि शैक्षणिक विश्वासघात है।

NCERT की तकनीकी पुष्टि

एनसीईआरटी के तकनीकी अधिकारियों ने जब्त पुस्तकों का सत्यापन कर उन्हें पूरी तरह पायरेटेड बताया है। परिषद के अनुसार, बिना अनुमति छपाई, भंडारण और वितरण कॉपीराइट का गंभीर उल्लंघन है और इसके लिए सख्त दंड का प्रावधान है।

कानूनी कार्रवाई और जांच का दायरा

मामले में कॉपीराइट कानून सहित धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि

सप्लाई कौन-कौन से जिलों/राज्यों तक पहुंची,

थोक विक्रेता व रिटेल चैनल कैसे जुड़े,

वित्तीय लेन-देन और प्रिंट ऑर्डर किस माध्यम से संचालित हुए।

जांच एजेंसियों का संकेत है कि अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

अभिभावकों, स्कूलों और विक्रेताओं के लिए चेतावनी

प्रशासन और NCERT ने संयुक्त रूप से अपील की है कि

पाठ्यपुस्तकें केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें,

अत्यधिक कम कीमत पर मिलने वाली किताबों से सावधान रहें,

कवर, कागज, प्रिंट क्वालिटी, QR/होलोग्राम जैसे पहचान संकेतों की जांच करें,

संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।

अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई शुरुआत है। शिक्षा क्षेत्र में पायरेसी के खिलाफ विशेष, सतत और बहु-राज्य अभियान चलाए जाएंगे ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और शैक्षणिक प्रणाली की विश्वसनीयता पर किसी भी तरह की आंच न आए।

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