यूपी में LPG कालाबाजारी पर योगी सरकार का सख़्त वार, 1483 जगहों पर छापे, 6 गिरफ्तार

Update: 2026-03-14 09:56 GMT

रिपोर्ट : विजय तिवारी

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए Yogi Adityanath सरकार ने सख्त अभियान शुरू किया है। खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर निरीक्षण और छापेमारी करते हुए कालाबाजारी से जुड़े मामलों पर कड़ी कार्रवाई की है।

सरकारी जानकारी के अनुसार प्रवर्तन टीमों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान एलपीजी की अवैध बिक्री, जमाखोरी और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान कुल 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से चार मामले गैस वितरकों के खिलाफ, जबकि 20 एफआईआर अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। कार्रवाई के दौरान मौके से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य में कार्यरत 4108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। अधिकांश गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दी गई है, ताकि व्यवसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के त्वरितको समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी या

अधिक कीमत वसूलने जैसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Similar News