मिर्जापुर में युवक की अजीब हरकत से मचा हड़कंप : मंदिर में कुत्ते की तरह आवाजें निकालने लगा, डॉक्टरों ने जताई गंभीर बीमारी की आशंका
रिपोर्ट : विजय तिवारी
मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)।
मिर्जापुर जिले के कछवा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जमुआ चौराहे के पास स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में एक युवक अचानक कुत्ते की तरह आवाजें निकालने लगा। यह नजारा देखकर मंदिर में मौजूद लोग सहम गए। घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंदिर में अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार जोगीपुरवा गांव निवासी दिव्यांग पिता भाईलाल अपने बेटे करण को लेकर मंदिर पहुंचे थे। मंदिर में बैठकर पूजा के दौरान अचानक करण की हालत बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में वह असामान्य व्यवहार करने लगा और कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा।
युवक की इस स्थिति को देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोग घबरा गए और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोग इसे किसी रहस्यमय घटना से जोड़कर देखने लगे, जबकि कई लोगों ने तुरंत स्वास्थ्य सेवाओं को सूचना दी।
108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया
स्थिति गंभीर होते देख स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस को बुलाया। मौके पर पहुंची एंबुलेंस के जरिए युवक और उसके पिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कछवा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी प्राथमिक जांच की। डॉक्टरों ने मामले को गंभीर मानते हुए युवक को चिकित्सकीय निगरानी में रखा है।
चार महीने पहले कुत्ते ने काटा था
परिजनों के अनुसार करीब चार महीने पहले करण को उसके ननिहाल हरौवा गांव में एक कुत्ते ने काट लिया था। उस समय परिवार ने उसे पहले निजी क्लिनिक में दिखाया और बाद में सीएचसी कछवा में भी इंजेक्शन लगवाया था।
हालांकि चिकित्सकों द्वारा बताई गई एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी डोज समय पर नहीं लग पाई। माना जा रहा है कि इसी कारण अब उसकी तबीयत गंभीर हो गई है।
घटना से पहले दिखे थे ये संकेत
पिता भाईलाल ने बताया कि घटना से एक दिन पहले से ही करण को तेज सिरदर्द की शिकायत थी। वह घबराया हुआ लग रहा था और बार-बार “भूत-भूत” कह रहा था। परिवार को लगा कि मंदिर जाने से शायद उसे मानसिक राहत मिलेगी।
इसी सोच के साथ पिता उसे मंदिर लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और वह कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा।
डॉक्टरों ने जताई रेबीज की आशंका
मामले में मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज पांडे ने बताया कि युवक में हाइड्रोफोबिया (रेबीज संक्रमण) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक यदि कुत्ते के काटने के बाद समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी डोज नहीं ली जाती, तो वायरस शरीर में सक्रिय हो सकता है। इसके चलते मरीज को पानी से डर लगना, सांस लेने में परेशानी, घबराहट और आवाज में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में मरीज की आवाज कुत्ते जैसी भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने दी सलाह
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता या अन्य जानवर काट ले, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी डोज लगवाना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है कि रेबीज एक बेहद खतरनाक बीमारी है और लक्षण सामने आने के बाद मरीज को बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए समय पर टीकाकरण ही इसका सबसे सुरक्षित बचाव माना जाता है।
वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा
घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि डॉक्टरों ने साफ किया है कि यह किसी अलौकिक घटना से जुड़ा मामला नहीं बल्कि एक गंभीर चिकित्सकीय स्थिति का परिणाम हो सकता है।
फिलहाल युवक का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।