आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, मिलावटी खान-पान और अव्यवस्थित जीवनशैली हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। विशेष रूप से किडनी से जुड़ी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं और चिंताजनक बात यह है कि अब युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। किडनी हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त को शुद्ध करने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का कार्य करता है। यदि जीवनशैली असंतुलित हो और वातावरण दूषित हो, तो इसका सीधा प्रभाव किडनी पर पड़ता है।
विश्व किडनी दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में काशी के ओपेल हॉस्पिटल के अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप राय ने कहा कि जब तक हमारा वातावरण और खान-पान सुरक्षित नहीं होगा, तब तक हम अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को स्वस्थ नहीं रख सकते। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार लेने, जंक फूड से दूरी बनाने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की।
इस अवसर पर उपस्थित डॉ. प्रमोद राय, डॉ. पवन जिंदल, डॉ. एस.एन. राय तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने भी किडनी रोगों की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज को स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मोटापा, मधुमेह (शुगर) और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि ये किडनी रोग के प्रमुख कारण बनते हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक सेवन न करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और नियमित व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं।
यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं बल्कि जनचेतना का संदेश था,
यदि समाज समय रहते जागरूक नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में किडनी रोग एक बड़े स्वास्थ्य संकट के रूप में सामने आ सकता है। इसलिए हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह स्वयं भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।
स्वस्थ जीवनशैली,स्वदेशी जीवन पद्धति ही स्वस्थ किडनी और स्वस्थ समाज की आधारशिला है।