सदभावना संस्था ने अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर लगाया विशेष महिला कुंभ
आनन्द गुप्ता/के0के0 सक्सेना
बहराइच। हिन्दू कोड बिल लाकर,दरवाजों के पीछे दुबकी सी खड़ी रहने वाली भारतीय नारियों को आर्थिक ,सामाजिक,संपत्ति व शिक्षा क्षेत्र में पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाने वाले बाबा साहब के जयंती अवसर पर सदभावना परिवार ने विशेष महिला कुम्भ बुलाकर नारी जगत की तरफ से उन्हें कृतज्ञता ज्ञापित करने का आयोजन किया गया।इस अवसर पर सामाजिक संस्था सदभावना के अध्यक्ष योगेंद्र मणि त्रिपाठी ने अपने सम्बोधन में कहा कि किसी भी समाज के महिलाओं की स्थिति ही उस समाज के तरक्की का वास्तविक बैरोमीटर है।
बीपीएड रिसॉर्ट रिसिया बाजार में सामाजिक संस्था सदभावना के तत्वाधान में आयोजित
विशेष महिला कुम्भ अवसर पर ,महिला सदन को सम्बोधित कर रहे थे।
आयोजन की अध्यक्षता कर रहे किसान पीजी कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव मेजर एस पी सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने महिलाओं को शिक्षा और समानता का अधिकार दिया,जिसका परिणाम है कि राशन कार्ड पर,गृह स्वामिनी रूप में घर की वरिष्ठ महिला का ही नाम अंकित होता है। इस जिले के जिलाधिकारी आसन पर एक महिला का विराजित होना,शिक्षा के शक्ति का ही परिणाम है।
कन्या भ्रूण हत्या,बाल विवाह,दहेज,नशा एवम् सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ वातावरण बनाने और स्वरोजगार करने संबंधी संकल्प संस्थाध्यक्ष ने दिलाए।
प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष घनश्याम वाजपेई,अतिथि स्वाती तिवारी,पत्रकार अजय त्रिपाठी,आरसेटी के ट्रेनर अरविंद मिश्र,शोध छात्र मदन मोहन उपाध्याय,अमन अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बाबा साहब के सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए सभी वर्गों की बेटियों के पांव पखारे गए और समस्त समाज से प्रतिभाग करने आई २०० महिलाओं के साथ सामूहिक भोज का आयोजन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।