बड़ा हादसा टला : गोरखपुर–बेंगलुरु इंडिगो फ्लाइट से पक्षी टकराया, वाराणसी में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग; 216 यात्री सुरक्षित
रिपोर्ट : विजय तिवारी
वाराणसी।
उत्तर प्रदेश में एक बड़ा विमानन हादसा टल गया। गोरखपुर से बेंगलुरु जा रही IndiGo की फ्लाइट उड़ान के दौरान पक्षी से टकरा गई (बर्ड हिट)। संभावित तकनीकी जोखिम को देखते हुए पायलट ने त्वरित निर्णय लेते हुए विमान की लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। विमान में 216 यात्री सवार थे और सभी यात्री व क्रू पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
उड़ान के दौरान क्या हुआ?
सूत्रों के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ समय बाद कॉकपिट में बर्ड हिट का संकेत मिला। सुरक्षा मानकों के अनुरूप पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से तुरंत संपर्क किया। हालात का आकलन करने के बाद नजदीकी उपयुक्त एयरपोर्ट—वाराणसी—पर उतरने का फैसला लिया गया। ATC ने प्राथमिकता देते हुए रनवे क्लियर कराया और विमान को सुरक्षित उतारा गया।
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद की कार्रवाई
लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट पर फायर व रेस्क्यू टीम पहले से अलर्ट मोड में तैनात रही। विमान के रुकते ही मानक प्रक्रिया के तहत यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी भी तरह की चोट या मेडिकल इमरजेंसी की सूचना नहीं है। यात्रियों को टर्मिनल भवन तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
तकनीकी जांच और विमान ग्राउंड
लैंडिंग के बाद विमान को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। इंजीनियरिंग टीम ने नोज़ सेक्शन और संबंधित सिस्टम का निरीक्षण शुरू किया, ताकि बर्ड हिट से हुई संभावित क्षति का आकलन किया जा सके। जांच पूरी होने और आवश्यक मरम्मत के बाद ही विमान को दोबारा सेवा में लिया जाएगा।
एयरलाइन का आधिकारिक बयान
एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया,
“गोरखपुर से बेंगलुरु जा रही हमारी एक फ्लाइट को उड़ान के दौरान बर्ड हिट का सामना करना पड़ा। सभी तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान की वाराणसी में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं। यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।”
यात्रियों के लिए वैकल्पिक इंतजाम
एयरलाइन सूत्रों के मुताबिक, प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट के माध्यम से गंतव्य तक पहुंचाने या आवश्यकता पड़ने पर ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि असुविधा न्यूनतम रहे।
विशेषज्ञों की राय
विमानन विशेषज्ञ बताते हैं कि बर्ड हिट एक ज्ञात जोखिम है, खासकर टेक-ऑफ और क्लाइम्ब चरण में। ऐसे मामलों में पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया, ATC का समन्वय और मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन ही किसी भी बड़े हादसे को टालने में निर्णायक होता है।
समय पर लिए गए निर्णय, बेहतर समन्वय और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते एक संभावित गंभीर घटना टल गई। यह मामला विमानन सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता और पायलट-क्रू की तत्परता का उदाहरण है।