तक़रीब तकमील-ए-हिफ़्ज़े क़ुरआन पर सजा रूहानी व इल्मी जलसा

Update: 2026-01-13 06:19 GMT

अनवार खाँ मोनू

बहराइच।

जनपद बहराइच के मोहल्ला सूफ़ीपुरा स्थित जामिया इस्लामिया अरबिया मदीनतुल उलूम, बंदरिया बाग, करबला रोड में तक़रीब तकमील-ए-हिफ़्ज़े क़ुरआन के मुबारक मौके पर एक भव्य रूहानी व इल्मी जलसे का आयोजन किया गया। पूरा माहौल क़ुरआनी सदाओं और नूरानी फ़िज़ा से सराबोर रहा।

जलसे का आग़ाज़ क़ारी सऊद अहमद द्वारा तिलावते कलामुल्लाह से किया गया, जिसने मौजूद लोगों के दिलों को मुतास्सिर कर दिया। कार्यक्रम की सदारत नमूनए असलाफ हज़रत मौलाना क़ारी ज़ुबैर अहमद क़ासमी (मोहतमिम, मदरसा नूरुल उलूम शहर बहराइच एवं जिलाध्यक्ष, जमीयत उलमा जिला बहराइच) ने की। सरपरस्ती हज़रत मौलाना मुफ़्ती वहीद उल्लाह क़ासमी (मोहतमिम, जामिया अरबिया इमदादिया बैतुल उलूम बहराइच) की रही, जबकि निगरानी क़ारी रज़िउद्दीन सिद्दीकी (सदर, जामिया इस्लामिया अरबिया मदीनतुल उलूम, बंदरिया बाग) ने की।

जलसे में विशेष बयानात के लिए हज़रत मौलाना मुफ़्ती महफूज़ुर रहमान क़ासमी, मुफ़्ती परवेज़ अख़्तर क़ासमी (उस्ताद, मदरसा फ़ुरक़ानिया, गोंडा), मौलाना इनायतुल्लाह क़ासमी (जनरल सेक्रेटरी, जमीयत उलमा जिला बहराइच), मुफ़्ती अब्दुल रहीम क़ासमी तथा मौलाना सरफ़र ख़ान क़ासमी (मोहतमिम, मदरसा हिदायतुल उलूम, बंजारी मोड, बहराइच) ने शिरकत की। सभी उलमा-ए-किराम ने हिफ़्ज़े क़ुरआन की फ़ज़ीलत, तालीम-ओ-तरबियत और इस्लाह-ए-मुआशरा पर अपने कीमती और असरदार बयानात पेश कर जलसे को यादगार बना दिया।

इस अवसर पर मदरसे के मोहतमिम हाफ़िज़ मोहम्मद इस्लाम ने जलसे में तशरीफ़ लाने वाले तमाम उलमा-ए-किराम, मेहमानों और तलबा के अभिभावकों का दिली शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि आप सभी ने एक छोटी-सी दावत में शिरकत कर इस तक़रीब की रौनक़ बढ़ाई।

जलसे का समापन दुआ से हुआ, जो हज़रत मौलाना मुफ़्ती वहीद उल्लाह क़ासमी ने फ़रमाई। दुआ में मुल्क में अमन-ओ-अमान, भाईचारा, तरक़्क़ी और उम्मत की कामयाबी के लिए ख़ुसूसी तौर पर इल्तिजा की गई।

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