चंदौली का नगर पंचायत विभाग बना लुटखोरी का अड्डा: नाली निर्माण में दोयम दर्जे की ईंट और भस्सी से निर्माण कार्य तो नक्शा पास कराने के नाम पर वसूली,चेयरमैन व जेई की मिलीभगत उजागर...

Update: 2024-12-27 08:07 GMT


ओ पी श्रीवास्तव,चंदौली

चंदौली: खबर जनपद चंदौली से है जहां नगर पंचायत विभाग चंदौली विगत दिनों सुर्खियों में है। बता दें कि नगरवासियों ने चेयरमैन, जेई एवं ठेकेदार पर मानक के विपरीत नाली निर्माण का मुद्दा उठाया है तो वहीं दूसरी तरफ भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने पहुंचे पीड़ित ने नक्शा पास कराने की एवज में धन उगाही का आरोप लगाते हुए संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। हालांकि पूरे प्रकरण पर अधिशाषी अधिकारी ने जांचकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बता दें कि नगर पंचायत चंदौली के वार्ड नंबर 12 में नाली निर्माण का कार्य जारी है। इस दौरान नगरवासी संजय सिंह ने नाली निर्माण कार्य में दोयम दर्जे की ईंट एवं भस्सी का प्रयोग होने का आरोप लगाते हुए सूबे की सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि योगी सरकार जहां भ्रष्टाचार मुक्त विकास की बात कहती है वहीं चंदौली के अधिकारियों की उदासीनता के कारण सरकारी मद का लुट खसोट जारी है।आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का पूरा खेल नगर पंचायत चंदौली के चेयरमैन, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से खेला जा रहा है।

वहीं आपको बता दें कि नगर पंचायत चंदौली के वार्ड नंबर 06 निवासी मदन कुमार सिंह ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंच मीडिया के समक्ष आरोप लगाते हुए कहा कि भवन निर्माण हेतु नक्शा पास कराने के लिए विगत 06 महीने से परेशान हूं। कई बार कार्यालय का चक्कर लगा चुका और प्रार्थना पत्र के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया। लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। वहीं विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक मंजिला मकान के निर्माण का नक्शा पास कराने हेतु 40 हजार रुपए का घूंस मांगा जा रहा है।बताया कि इस बाबत अधिकारियों के समक्ष न्याय की गुहार भी लगाई लेकिन कल - परसों आने को कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी पूजा सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस प्रकार के कृत्यों की जानकारी ना होने का हवाला देते हुए नाली निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच करने एवं नक्शा पास कराने के एवज में धन उगाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि अब देखना लाजिमी होगा कि योगी सरकार में इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन क्या कुछ कार्रवाई अमल में लाता है, या मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। यह आने वाला समय ही बताएगा।

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