उर्दू पुस्तकों की ओर बढ़ा रुझान, मेले में गूंजे कविता और अफसाने

Update: 2026-03-18 13:57 GMT

लखनऊ, 18 मार्च। रवीन्द्रालय चारबाग में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेला के छठे दिन हिन्दी और अंग्रेज़ी के साथ उर्दू पुस्तकों की भी अच्छी मांग देखने को मिली। नवाबी शहर के पुस्तक प्रेमी उर्दू साहित्य में खास रुचि दिखा रहे हैं।

मेले में विलायत पब्लिकेशन के स्टॉल पर उर्दू और अंग्रेज़ी में प्रकाशित दि स्टेटस ऑफ वुमेन चर्चा में रही, जिसमें इस्लामी दृष्टिकोण से स्त्री की स्थिति का विश्लेषण किया गया है। इसके अलावा इस्लाम और आज का इंसान तथा दो सौ पचास साला इंसान जैसी किताबों को भी पाठकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टॉल पर मध्यकालीन भारत के साथ ही मिर्ज़ा ग़ालिब, फिराक गोरखपुरी, साहिर लुधियानवी, बलराज साहनी तथा जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों पर आधारित पुस्तकें भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

इस दौरान अफसाना लिख रहा हूं पुस्तक का विमोचन अनुपमा जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यकारों एवं शिक्षाविदों की उपस्थिति रही और पुस्तक की विषयवस्तु पर विचार व्यक्त किए गए।

दिन में आयोजित काव्य गोष्ठी में अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वहीं शाम को मीर तकी मीर फाउंडेशन द्वारा आयोजित मुशायरे ने साहित्यिक वातावरण को नई ऊंचाई दी।

इसी क्रम में नवसृजन के तत्वावधान में चित् चिन्मय, भावांजलि अतरंग गूंज और मेरे अष्टपदी अगीत सहित कई कृतियों का भी विमोचन किया गया।

आज के कार्यक्रम (19 मार्च)

मेले में 19 मार्च को पूर्वाह्न 11 बजे ‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम होगा। शाम 5 बजे अवधी व्यंजन उत्सव, 5:30 बजे काव्य समारोह (सुमन दुबे) तथा ‘कृति और कृतिकार’ आयोजित होंगे। रात 7:30 बजे अजल फाउंडेशन की काव्य गोष्ठी होगी।

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