‘बच्चों के सामने ही मां से बार-बार रेप…’ बस्ती में दरिंदगी की हद पार, अब पीड़िता ने किया सुसाइड

Update: 2026-02-27 06:18 GMT

बस्ती जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां कलवारी थाना क्षेत्र में एक महिला ने कथित तौर पर ब्लैकमेल और शारीरिक शोषण से तंग आकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. वहीं, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

आरोप है कि गांव के ही रहने वाले अली हुसैन नामक युवक ने करीब तीन वर्ष पहले महिला का आपत्तिजनक वीडियो चोरी-छिपे बना लिया था. आरोप इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर वह महिला को लगातार ब्लैकमेल करता रहा और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा. महिला डर, बदनामी और परिवार टूटने के भय से यह सब सहती रही.

बच्चों के सामने ही महिला से रेप

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि आरोपी की दरिंदगी यहीं तक सीमित नहीं थी. जब महिला का पति रोज़गार के सिलसिले में मुंबई में रहता था, तब आरोपी कई बार घर में घुस आता था. बच्चों के सामने ही महिला के साथ मारपीट और रेप किया जाता था. महिला के दो छोटे बच्चों ने अपने पिता को जो आपबीती बताई, उसने पूरे परिवार को अंदर तक तोड़ दिया. बताया जाता है कि पति को सच्चाई का पता चलने के बाद परिवार गहरे सदमे में चला गया और कुछ ही समय बाद महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया.

महिला की मौत की खबर फैलते ही पुलिस हरकत में आई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी अली हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में ब्लैकमेलिंग, रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप सामने आए हैं. सबूतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई की मांग

सूचना मिलते ही स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराई जाए, ताकि जल्द न्याय मिल सके. संगठनों का कहना है कि डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग से महिलाओं का शोषण बढ़ रहा है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर उदाहरण पेश करना आवश्यक है. डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है.

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