मांझा बरहटा में बिना नोटिस मकान गिराए जाने का आरोप, पीड़ितों ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन से की मुलाकात

Update: 2026-02-25 13:24 GMT

अयोध्या। मांझा बरहटा क्षेत्र में आवास विकास परिषद के अधिकारियों द्वारा प्रशासन के सहयोग से कथित रूप से बिना नोटिस मकान गिराए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई से प्रभावित भवन स्वामियों ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन से मुलाकात कर न्याय की मांग की।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर चलाकर उनके मकान ध्वस्त कर दिए। भवन स्वामियों — दिनेश कुमार गुप्ता, मनीष कुमार गुप्ता, सुरेश कुमार, राजेश कुमार गुप्ता एवं शिवम साहू — सहित अन्य स्थानीय निवासियों ने पूर्व मंत्री को अपने जमीन के बैनामे के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उनके पास वैध कागजात मौजूद हैं, इसके बावजूद कार्रवाई की गई।

इस संबंध में प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि प्रभावित परिवारों ने प्रशासनिक कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए उचित मुआवजे की मांग की है।

पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि बिना नोटिस मकान और दुकानों को गिराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य परिवार बड़ी मेहनत से अपना आशियाना बनाता है और इस प्रकार की कार्रवाई से वे आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा दिया जाए अथवा जमीन के बदले जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे पुनः अपना जीवन व्यवस्थित कर सकें।

मौके पर राकेश यादव एडवोकेट, ब्रह्मदेव यादव, मुमताज, राकेश कुमार, मधु कुमारी, सुधा कुमारी, सुनील कुमार, राम शंकर, ननकन यादव, राम अजोर यादव, इश्तियाक खान एवं श्याम जी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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