यदु न्यास ने फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की, सीबीएफसी अध्यक्ष को लिखा पत्र
यदु न्यास के अध्यक्ष सतीश उर्फ नागा चौधरी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को पत्र लिखकर ‘यादव जी की प्रेम कहानी’ फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फिल्म में यादव जाति और यदुवंशियों का अपमान किया गया है।
नागा चौधरी के अनुसार, फिल्म के निर्माता संदीप तोमर और निर्देशक अंकित बढ़ाना जातीय दुराग्रह से ग्रसित हैं तथा उन्होंने जानबूझकर कुत्सित सोच के तहत यादव समाज को अपमानित करने वाले दृश्य और संवाद शामिल किए हैं। उन्होंने कहा कि यदुवंशी समाज ऐसे दृश्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा और फिल्म का बहिष्कार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म का विरोध केवल यादव समाज ही नहीं, बल्कि अन्य जाति और वर्ग के संवेदनशील लोग भी कर रहे हैं। नागा चौधरी ने सीबीएफसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘यादव’ शीर्षक को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।
यदु न्यास ने मांग की है कि सीबीएफसी अध्यक्ष प्रसून जोशी सहित फिल्म के निर्माता और निर्देशक महाराज यदु से सार्वजनिक माफी मांगें तथा आपत्तिजनक दृश्य और संवाद हटाएं। तभी फिल्म के प्रदर्शन पर विचार किया जा सकता है।
नागा चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से होगा। उन्होंने सिनेमाघरों के मालिकों से भी अपील की कि वे फिल्म का प्रदर्शन न करें। साथ ही यह भी कहा कि यदि निर्माता-निर्देशक माफी मांगकर फिल्म में आवश्यक संशोधन करते हैं, तो उनके कारण होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई यादव समाज करेगा।
उन्होंने कहा कि फिल्में किसी भी वर्ग, जाति या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली नहीं होनी चाहिए और यादव समाज सदैव सभी का सम्मान करता है।