अलंकार अग्निहोत्री ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M.) के गठन की घोषणा
वृंदावन-
शहर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलंकार अग्निहोत्री पत्रकारों से रूबरू हुए और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान तंत्र ने नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने दावा किया कि आम जनता को संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
अग्निहोत्री ने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक नए संगठन का गठन किया जा रहा है, जिसका नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M.) रखा गया है। उनके अनुसार, यह मोर्चा देशभर में उन लोगों को एकजुट करेगा जो अपने मौलिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करेगी।
पार्टी के झंडे का अनावरण
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राम पार्टी के प्रस्तावित झंडे के स्वरूप की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झंडे में भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी और भगवान श्रीराम का धनुष अंकित किया गया है। उनके अनुसार, ये प्रतीक भारतीय संस्कृति, धर्मनिष्ठा, न्याय और मर्यादा के प्रतिनिधि हैं।
अग्निहोत्री ने कहा कि झंडे का डिजाइन भारत के संविधान की मूल आत्मा को प्रदर्शित करता है। उनका कहना था कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और नैतिक धरोहर का प्रतिबिंब है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और नागरिक अधिकारों की बहाली के लिए व्यापक जनसमर्थन प्राप्त करेगा।
आगामी रणनीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने संकेत दिया कि निकट भविष्य में मोर्चे की औपचारिक घोषणा, संगठनात्मक ढांचे की रूपरेखा तथा देशव्यापी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने समर्थकों और सामाजिक संगठनों से इस पहल में सहयोग करने की अपील भी की।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए और दोहराया कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाना तथा नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।