शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक: सरकार ने सुचारू कार्यवाही के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की
शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले संसद भवन में रविवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी सत्र के दौरान दोनों सदनों में कार्यवाही को सुचारू और उत्पादक बनाए रखने के लिए सर्वसम्मति और सहयोग सुनिश्चित करना रहा।
सरकार की ओर से बताया गया कि वह विपक्ष सहित सभी दलों की बात सुनने और सार्थक चर्चा के लिए तैयार है। बैठक में विभिन्न दलों ने अपनी प्राथमिकताओं, मुद्दों और चिंताओं को सामने रखा।
बैठक में शामिल नेता
सर्वदलीय बैठक में कई दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
सपा: रामगोपाल यादव
अन्नाद्रमुक: थंबीदुरई
द्रमुक: टी.आर. बालू, टी. शिवा
बीएपी: राजकुमार रोत
कांग्रेस: जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी, गौरव गोगोई
तृणमूल कांग्रेस: कल्याण बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन
शिवसेना (यूबीटी): मिलिंद देवड़ा
आप: सुशील गुप्ता
राजद: मनोज झा
आईयूएमएल: ई.टी. मोहम्मद बशीर
बीजद: सस्मित पात्रा
वाईएसआरसीपी: मिधुन रेड्डी
अन्य नेता: जॉन ब्रिटास, पी. संतोष, अनुप्रिया पटेल, कमल हासन, राजकुमार शवाग
सर्वदलीय बैठकें संसद सत्रों से पहले संवाद और समन्वय का एक महत्वपूर्ण मंच होती हैं। इनके जरिए सरकार और विपक्ष के बीच संवाद स्थापित कर विवादास्पद मुद्दों पर पहले से चर्चा की जाती है, ताकि सदन की कार्यवाही बाधित न हो।
शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार चाहती है कि विपक्ष सहयोग करे ताकि विधायी कार्य समय पर और गंभीर चर्चा के साथ आगे बढ़ सके। विपक्ष की ओर से भी पारदर्शिता, लंबी चर्चा और जवाबदेही की मांगें उठाई गईं।
सर्वदलीय बैठक में हुए संवाद से संकेत मिलता है कि सभी दल सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर व्यापक बहस के लिए तैयार हैं।