लखनऊ पुलिस को डकैतों की खुली चुनौती, चार दिन में तीन डकैतियां

Update: 2018-01-23 05:47 GMT
लखनऊ - राजधानी के वीआइपी क्षेत्र की सड़कों पर आलू फेंकने वालों को दो दिन में पकडऩे वाली लखनऊ पुलिस डकैतों के सामने असहाय है। लखनऊ में चार दिन में चिनहट तथा काकोरी के बाद अब मलिहाबाद में डकैतों ने दो गांव को निशाना बनाया है। इस दौरान डकैतों ने फायरिंग के साथ लोगों की रॉड से पिटाई की। इसमें एक की मौत की सूचना है, जबकि आधा दर्जन घायल हैं।
बीती रात असलहों से लैस दर्जन भर से ज्यादा डकैतों ने मलिहाबाद थाना क्षेत्र के सरावां गांव में जमकर लूटपाट की। वहीं वारदात के बाद डकैत मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। मौके पर पुलिस के अधिकारी जांच में जुटे है। एसएसपी के साथ आइजी व फारेंसिक टीम मौके पर हैं।
लखनऊ में आज चार दिन के अंदर डकैती की तीसरी वारदात हुई है। सूबे की राजधानी में कल रात आइजी के साथ एसएसपी रातभर जिले के कर्स थाना की फोर्स के साथ गावों में भले ही गश्त करते रहे, लेकिन डकैतों ने कहर बरपा ही दिया।
चिनहट,काकोरी के बाद डकैतों ने आज तड़के यहां के मलिहाबाद को निशाना बनाया। आधा दर्जन डकैतों ने मलिहाबाद के सरावां गांव में पूर्व प्रधान के घर डकैती डाली। इसके साथ ही मलिहाबाद के ही मुंसीगंज के दो घरों को डकैतों ने निशाना बनाया। इस दौरान फायरिंग करने के साथ डकैतों ने लोगों की रॉड से पिटाई की। जिसमें आधा दर्जन घायल हो गए हैं। घायल छत्रपाल यादव और श्यामू रावत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। इनमें श्यामू रावत के मौत की खबर भी है।
बीती 21 जनवरी को काकोरी थाना क्षेत्र के बनियाखेड़ा और कटौली गांव में डकैतों ने 3 घरों में जमकर लूटपाट की थी. वहीं, डकैतों कटौली गांव के ग्राम प्रधान को बेटे को गोली मार दी। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। इसमें पांच लोग घायल हुए थे। घायलों को इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है।

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