लखनऊ की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 2 लोगों की मौत और कई घायल

Update: 2025-08-31 08:38 GMT

लखनऊ में आज रविवार (31 अगस्त) की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया.  गुडंबा थाना क्षेत्र में बेहटा गांव है. यह गांव शहर से लगभग 20 किमी की दूरी पर है. रविवार को यह गांव धमाकों की गूंज से थर्रा गया. दोपहर लगभग 12 बजे गांव में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया. इस हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई अब भी मलबे में दबे हैं. सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची है. राहत और बचाव कार्य जारी है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार की सुबह सब कुछ सामान्य था, तभी अचानक जोर-जोर से धमाकों की आवाज आने लगी. गांव वाले घबराकर घरों से बाहर निकल आए. पटाखा फैक्ट्री में आग लगी हुई थी और लगातार विस्फोट हो रहे थे. धमाकों की तीव्रता इतनी थी कि आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनी गई. फैक्ट्री का आधा हिस्सा पूरी तरह ढह गया और आसपास का इलाका धुएं से भर गया. अब भी फैक्ट्री से आग की लपटें उठ रही हैं.

चार लोगों की मौके पर मौत

इस हादसे में फैक्ट्री मालिक समेत उसके परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. ग्रामीणों का कहना है कि विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के घरों की दीवारों में भी दरारें आ गईं. हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. इस हादसे में फैक्ट्री के मालिक आलम, उसकी पत्नी और दो बेटों की मौत हो गई है.

बचाव दल जुटा मलबा हटाने में

धमाके के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और आग बुझाने का प्रयास किया. थोड़ी देर में दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस बल भी पहुंच गए. एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है. मलबे में कई मजदूरों और कर्मचारियों के दबे होने की आशंका है. बचाव दल मलबा हटाने का काम कर रहा है.

सीएम योगी ने लिया संज्ञान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के इलाज के लिए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम योगी ने प्रशासन को राहत-बचाव कार्य तेज करने और मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात करने का आदेश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

लाइसेंस और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

गांव के लोगों और स्थानीय सूत्रों ने सवाल उठाए हैं कि पटाखा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. लाइसेंस की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है. बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री को बिना सुरक्षा इंतजाम के फैक्ट्री में रखा गया था. यही वजह रही कि आग लगने के बाद धमाके तेजी से फैले और भीषण रूप ले लिया. प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और फैक्ट्री के संचालन से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. भीषण हादसे ने बेहटा गांव को दहला दिया है. गांव के लोग अभी भी सदमे में हैं.

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