मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी में कहा कि काशी के खिलाफ लगातार साजिश रची जा रही है. लेकिन काशी के भौतिक विकास का संरक्षण किया जा रहा है. कुछ लोगों ने इसे बदनाम करने की फिरौती ली है. फिर भी यहां का तेजी से विकास किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने काशी में चल रहे विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस की आलोचनाओं पर जवाब भी दिया. उनका कहना है कि कांग्रेस के लोग विकास कार्य को बदनाम करना चाहते हैं.
सीएम योगी ने कहा, “कांग्रेस के द्वारा जो दुष्प्रचार किया जा रहा है. AI वीडियो बनाकर गुमराह करने की कोशिश हो रही है. सनातन की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. हर कोई जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे इस प्रोजेक्ट के संरक्षण का हिस्सा बनेंगे क्योंकि घाट इसके बाद बनने हैं इसलिए वे सभी मंदिर इससे संरक्षित होंगे.”
कांग्रेस की आलोचना पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा, “काशी में 2 घाट हैं मणिकर्निका और हरिशचंद्र घाट, जहां कोई भी अपनों को अंतिम समय में विदाई सम्मानजनक तरीके से देना चाहता है. उसके लिए जब कोई विकास कार्य शुरू होता है और वो भी सरकारी पैसे से नहीं. ऐसे में विकास कार्य को भी कांग्रेस के लोग बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि धार्मिक संस्कारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए निरंतरता और गरिमा को बनाए रखी जाए.”
सीएम योगी ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए आए हुए लोगों को उचित सुविधा मिले, सुरक्षा मिले और उनके परिजन को गरिमामयी विदाई मिले, सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसी के लिए ही ये काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि शवदाह के दौरान या उसके बाद राख गंगा जी में ना जाए. इससे गंगा का बीओडी और सीओडी दोनों ही बढ़ता है. इस बात का ध्यान रखा गया है, साथ ही डोम समाज अंतिम संस्कार को पूरा कराता है उनके सम्मान में कोई कमी ना आए इसलिए ये विकास कार्य कराया जा रहा है.
गंगा के जलस्तर को बनाए रखने की सरकार की अहमियत पर सीएम योगी ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर को ध्यान में रख कर शवदाह प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं. साथ ही प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्था की जा रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “काशी अविनाशी है. काशी को लेकर हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला जो आजादी के तत्काल बाद मिलना चाहिए था.”
उन्होंने कहा, “पिछले 11-11.5 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी प्राप्त कर रहा है.”
काशी के विकास का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने आगे कहा, “यह हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं. शुरुआत से ही उन्होंने इस बारे में कहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर के रूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप पिछले 11-11.5 सालों में काशी की योजनाएं शुरू हुईं.”
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के लिए हजारों करोड़ का राशि की बात करते हुए सीएम योगी ने आगे कहा कि 55 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं काशी के लिए स्वीकृत हुईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं प्रगतिशील तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं. 2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी. आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं. अकेले काशी ने देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है.”