‘तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा…’, खामेनेई की मौत पर जौनपुर में आक्रोश

Update: 2026-03-01 10:03 GMT

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी और इजरायली हमले में हुई मौत की खबर ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में उबाल पैदा कर दिया है. रविवार को जिले के कोने-कोने से हजारों की संख्या में शिया समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए. हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

जौनपुर के कल्लू इमामबाड़ा पर हजारों का हुजूम इकट्ठा हुआ. इस दौरान प्रदर्शनकारियों के बुलंद हौसले और गुस्से ने पूरे माहौल को गमगीन और उत्तेजित कर दिया. भीड़ से एक ही आवाज गूंज रही थी- तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा”. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहादत से यह आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि और भी मजबूत होकर उभरेगा.

मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला’ करार दिया है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा- अयातुल्ला खामेनेई हमेशा शहादत की दुआ करते थे और वे जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं. हमारे मजहब में शहादत सबसे बड़ा मर्तबा है. खामेनेई का खून रायगा (व्यर्थ) नहीं जाएगा. शहीद के खून के कतरे से वो इंकलाब पैदा होता है जिसमें जालिम डूब जाते हैं. डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया, बल्कि अपने खुद के ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत कर दिए हैं. उनकी मौत बेहद बदतर होगी.

मौलाना कल्बे जवाद ने पूरे देश के शिया समुदाय से तीन दिवसीय शोक मनाने का आह्वान किया है. उन्होंने अपील की है कि लोग स्वेच्छा से अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखें. पूरे मुल्क में एक ही समय पर शोक सभाएं और कैंडल मार्च निकाले जाएं. घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराया जाए.

जौनपुर में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. कल्लू इमामबाड़ा और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे.

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