होलिका दहन में स्टंटबाजी, बाइक समेत युवक सीधे होलिका में जा फंसे , बड़ा हादसा टला

Update: 2026-03-04 05:49 GMT


रिपोर्ट : विजय तिवारी

लखनऊ/नई दिल्ली।

देशभर में होली के त्योहार के अवसर पर 2 और 3 मार्च को आयोजित होलिका दहन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर स्थिति पैदा हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दो युवक तेज रफ्तार बाइक पर सवार होकर हाथ में जलती मशाल लिए होलिका जलाने पहुंचे। स्टंटबाजी के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बाइक समेत सीधे होलिका के ढेर में जा घुसे।

सामने मौजूद लोगों की तत्परता और समझदारी से बाइक को आग की लपटों से तुरंत हटाया गया और बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग इसे देख चुके हैं।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है -

वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के बीचों-बीच सूखी लकड़ियों और घास से होलिका तैयार की गई थी। आस-पास लोग त्योहार का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक आती है, जिसमें पीछे बैठे युवक के हाथ में जलती हुई मशाल थी। उनके होलिका के पास पहुंचते ही संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे होलिका के ढेर में जा गिरते हैं। बाइक गिरने और आग फैलने की स्थिति बनी, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत उसे वहां से हटा लिया गया।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने विविध प्रतिक्रिया दी। कुछ ने इसे हास्यास्पद बताया तो कई ने इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। कई लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

होलिका दहन का धार्मिक महत्व -

होलिका दहन हिंदू धर्म में फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात को किया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राक्षस हिरण्यकशिपु ने अपने भक्त पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका की मदद ली। होलिका को आग में नहीं जलने का वरदान प्राप्त था, लेकिन प्रह्लाद की भक्ति और भगवान विष्णु की कृपा से वह सुरक्षित बच गए और होलिका आग में भस्म हो गई। इसलिए होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

सुरक्षा और जिम्मेदारी -

सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना को गंभीर चेतावनी माना है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। त्योहार केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक जिम्मेदारी निभाने का भी समय है।

स्थानीय लोगों और आयोजकों की सतर्कता से एक बड़ी दुर्घटना टली। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना युवा वर्ग के बीच सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की होड़ में जोखिम लेने की प्रवृत्ति को उजागर करती है।

इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि त्योहारों में सुरक्षा और परंपरा का पालन करना अनिवार्य है। होली और होलिका दहन केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों में लापरवाही से बचने और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सभी पर है।

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