सुलतानपुर। चर्चित चिकित्सक हत्याकांड में अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल आठ गवाहों को पेश कर अपना पक्ष मजबूती से रखा। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण गवाही मृतक की पत्नी व वादिनी निशा तिवारी, उनकी बहन शांति पांडेय तथा लगभग नौ वर्षीय पुत्र तत्सत की रही। विशेष रूप से मासूम बेटे की गवाही ने मामले को संवेदनशील बना दिया।
अभियोजन पक्ष ने इसके अलावा जांच से जुड़े अहम अधिकारियों और अन्य औपचारिक गवाहों को भी पेश किया। इनमें प्रारंभिक विवेचना करने वाले तत्कालीन नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय, बाद में विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने वाले तत्कालीन कोतवाल श्रीराम पाण्डेय, एफआईआर लेखक स्नेह कुमार, पंचायतनामा गवाह एसआई नियाजी हुसैन तथा पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दिनेश चंद्र यादव शामिल रहे।
सभी गवाहों की सशक्त गवाही के आधार पर अभियोजन पक्ष घटना को साबित करने में सफल रहा। मामले में पारिवारिक पक्ष की गवाही, विशेषकर एक छोटे बच्चे की उपस्थिति, इस घटना की गंभीरता और भावनात्मक पक्ष को उजागर करती है।