उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद होटल क्लार्क्स पर की गई कार्रवाई
वाराणसी
ध्वस्तीकरण के विरुद्ध होटल क्लार्क्स द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका से खफा होकर कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने सुंदरीकरण व साइकिल स्टैंड हेतु लाइसेंस पर सन 1964 से ली गई भूमि पर जबरदस्ती अवैध रूप से कब्जा किया I
ज्ञातव्य हो कि विगत 29 नवंबर 2024 को स्थानीय कैंटोनमेंट स्थित पांच सितारा होटल क्लार्क्स को वर्ष १९६४ में आबंटित व लाइसेंस पर दी गई 549 वर्ग मीटर भूमि में से 162 वर्ग मीटर भूमि साइकिल स्टैंड हेतु होटल द्वारा अनवरत प्रयोग की जा रही थीI आज कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने उक्त भूमि पर अवैध तौर पर जबरन कब्जा कर लिया I होटल प्रबंधन ने अधिकारियों को उच्च न्यायालय में दाखिल पूर्व में की गई अवैध ध्वस्तीकरण कार्यवाही के विरुद्ध याचिका का संदर्भ प्रस्तुत किया I अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उच्च न्यायालय द्वारा उनको नोटिस प्राप्त हो चुकी है I होटल प्रबंधन ने अधिकारियों से आग्रह किया कि उच्च न्यायालय की सुनवाई तक यथा स्थिति बरकरार रखें परंतु कैंटोनमेंट के अधिकारियों ने एक नहीं सुनी तथा पुलिस बुलाकर बलपूर्वक स्टाफ की साइकिलों व बाइक को खदेड़ दिया I होटल प्रबंधन ने कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों व पुलिस प्रशासन को लिखित तौर पर आदेश देने के लिए कहा इस पर पुलिस ने यह जानकारी प्राप्त होने पर कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित है कैंटोनमेंट बोर्ड को मदद करने से मना कर दिया I उसके उपरांत कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने स्थल पर बुलडोजर तथा सेना कर्मियों को बुला लिया तथा भरपूर दबाव बनाकर साइकिल स्टैंड को अवैध तरीके से बलपूर्वक खाली करा लिया तथा होटल प्रबंधन की लिखित आदेश देने तथा विधिक तौर पर कार्यवाही करने की गुहार को रद्द कर दिया I कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने स्थल पर सेना कर्मियों और बुलडोजर बुलाकर होटल प्रशासन को दबाव में ले लिया । कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका को दरकिनार कर अवैध तरीके से कार्यवाही करते हुए वर्ष १९६४ से साइकिल स्टैंड हेतु प्रयुक्त स्थल का अवैध रूप से जबरन कब्जा ले लिया और होटल प्रबंधन की कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने एक नहीं सुनी I