संभल के बाद मुरादाबाद के जैन मंदिर की सफाई, 40 साल से था बंद

Update: 2024-12-25 12:11 GMT

संभल के बाद अब मुरादाबाद में 40 साल से बंद पड़े जैन मंदिर को खुलवाया गया है. जिला प्रशासन खुद इसकी साफ-सफाई की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेकर करवा रहे हैं. इस दौरान काफी संख्या में पुलिसबल भी मौजूद थी. इलाके के हिंदू-मुस्लिम दोनों मंदिर के खुलने से काफी खुश नजर आ रहे थे. लोगों का कहना था कि मंदिर के खाली जगह को सामाजिक कार्य के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए. इस बारे में बात करते हुए जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह ने कहा कि जल्द साफ-सफाई का काम करवाकर यहां लाइब्रेरी या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाएगा.

संभल के बाद अब मुरादाबाद में भी करीब 40 सालों से बंद पड़े पाकबड़ा थाना क्षेत्र के रतनपुर कला गांव के जैन मंदिर को खोलने की तैयारी हो गई है. जिला प्रशासन ने इस मंदिर की सफाई करवाकर खोलने की व्यवस्था कर दी है. हालांकि, जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह का कहना है कि जैन मंदिर पिछले 40 सालों से बंद है, ऐसे में वहां जो जैन समाज के लोग पहले रहते थे, वो सभी वहां से हटकर कहीं और रहने लगे हैं. मंदिर की मूर्तियों को जैन समाज के लोग ही अलग-अलग जगह पर ले गए. इस वजह से ये मंदिर खाली है और बंद पड़ा हुआ है, लेकिन मंदिर की जगह को सामाजिक कार्य के लिए इस्तेमाल करने का निवेदन किया गया है. जिसकी वजह से अब यहां साफ सफाई कराकर लाइब्रेरी या जैन समाज के लोगों की जो भी इच्छा होगी उस हिसाब से निर्माण कराया जाएगा.

क्यों बंद पड़ा है ये मंदिर?

पहले यहां जैन समाज के परिवार रहते थे. धीरे-धीरे सभी एक-एक करके वहां से अपने मकान बेचकर चले गए, लेकिन प्रदीप जैन, जिनमें मकान मे ही मंदिर था वो मकान को बेचने के बजाए उसको बंद कर वहां से कहीं और शिफ्ट हो गए थे. साथ ही उन्होंने मंदिर में लगी मूर्तियों को मुरादाबाद और हल्द्वानी में बने अन्य मंदिरों में शिफ्ट करा दिया था. जिसके बाद से मंदिर लगातार बंद है. मंदिर के चारों तरफ मुस्लिम समाज की आबादी रहती है और जब इस मंदिर का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा था तो वहां लोगों ने कूड़े का ढेर लगा डाला और धीरे-धीरे मंदिर पहचान से परे हो गया, लेकिन अब भी मंदिर के अंदर गुंबद और वहां बने कमरे मौजूद हैं. जिनको मंदिर की जगह के मालिक ने सरकार को सुपुर्द कर वहां सामाजिक कार्य की पेशकश की है.

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