यूपी पुलिस भर्ती 2025 : अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में 3 साल की बड़ी छूट

Update: 2026-01-05 13:10 GMT

रिपोर्ट: विजय तिवारी

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में पुलिस और जेल विभाग की भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए सरकार ने बड़ी राहत का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी पुलिस में आरक्षी एवं समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती–2025 के लिए अधिकतम आयु-सीमा में अपवाद स्वरूप एक बार के लिए 3 वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को एक नया अवसर मिलेगा।

32,679 पदों पर होगी सीधी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 32,679 रिक्त पदों को भरा जाना है। इनमें—

आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला)

आरक्षी पीएसी / सशस्त्र पुलिस (पुरुष)

आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष)

महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी

आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष)

जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला)

जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। शासन स्तर पर भर्ती से जुड़े सभी विभागों और चयन बोर्ड को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना जताई जा रही है।

आयु-सीमा में क्या हुआ बदलाव

सरकार द्वारा दी गई 3 वर्ष की विशेष छूट के बाद अधिकतम आयु-सीमा में यह परिवर्तन लागू होगा —

सामान्य वर्ग (पुरुष): 22 वर्ष → 25 वर्ष

सामान्य वर्ग (महिला): 25 वर्ष → 28 वर्ष

ओबीसी/एससी/एसटी (पुरुष): 27 वर्ष → 30 वर्ष

ओबीसी/एससी/एसटी (महिला): 30 वर्ष → 33 वर्ष

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आयु-सीमा शिथिलीकरण सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को समान रूप से मिलेगा और यह केवल एक बार लागू किया जाएगा।

निर्णय की पृष्ठभूमि और वजह

पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं में विलंब, प्रशासनिक कारणों और कोविड-19 महामारी जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी निर्धारित आयु-सीमा पार कर चुके थे। लगातार मिल रही अभ्यर्थियों की मांग और परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सम्यक विचारोपरांत अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे युवाओं को न्यायोचित अवसर दिया जाए। इसी क्रम में आयु-सीमा में 3 वर्ष की छूट का यह निर्णय लिया गया।

पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती पर जोर

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आगामी भर्ती विज्ञापनों में संशोधित आयु-मानदंड का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। साथ ही भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

युवाओं और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

इस फैसले के बाद प्रदेशभर में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह और संतोष का माहौल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह निर्णय उनके वर्षों के परिश्रम को एक और मौका देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से भर्ती प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, अधिक योग्य उम्मीदवार सामने आएंगे और उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन मिलेगा।

सरकार का मानना है कि यह फैसला न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा।

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