जमानत पर जेल से बाहर आसाराम की अयोध्या यात्रा: सरयू आरती में हुए शामिल, आज रामलला के दर्शन का कार्यक्रम
रिपोर्ट : विजय तिवारी
अयोध्या/नई दिल्ली। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम इन दिनों स्वास्थ्य आधार पर मिली अंतरिम जमानत के दौरान अयोध्या पहुंचे हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह मंगलवार 10 मार्च 2026 की शाम रामनगरी पहुंचे और सरयू नदी के तट पर आयोजित भव्य सरयू आरती में शामिल हुए। अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने घाट क्षेत्र में कुछ समय बिताया और सरयू तट पर टहलते भी दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि बुधवार 11 मार्च को उनका श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करने का कार्यक्रम है। राम मंदिर निर्माण के बाद इसे उनकी पहली अयोध्या यात्रा माना जा रहा है, जिस पर देशभर में चर्चा भी तेज हो गई है।
लक्ष्मण किला में ठहराव, ट्रस्ट पदाधिकारियों से मुलाकात की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक आसाराम फिलहाल सरयू तट के समीप स्थित लक्ष्मण किला क्षेत्र में ठहरे हुए हैं। जानकारी के अनुसार वह मंगलवार को झुनकी घाट से सद्गुरु कुटी तक कुछ दूरी पैदल चले और बाद में वाहन से लक्ष्मण किला पहुंचे। शाम के समय उन्होंने सरयू तट पर करीब 300 मीटर तक पैदल भ्रमण भी किया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रामलला के दर्शन के बाद उनकी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से संभावित मुलाकात की भी चर्चा है। हालांकि इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
सरयू आरती में शामिल होकर दिया बयान
अयोध्या प्रवास के दौरान आसाराम ने तीर्थ स्थलों के महत्व पर बयान देते हुए कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा अत्यंत समृद्ध है और देश में कई ऐसे तीर्थ स्थल हैं जहां जाने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका और पुरी-द्वारका को मोक्षदायी धाम बताया। उनके अनुसार इन पवित्र स्थलों की यात्रा से मन और शरीर दोनों को शांति मिलती है।
आसाराम ने यह भी कहा कि वे रामलला के दर्शन करने और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करने की इच्छा से अयोध्या आए हैं। हालांकि अधिक सीढ़ियां होने के कारण वह फिलहाल हनुमानगढ़ी नहीं जा सके।
स्वास्थ्य आधार पर मिली छह महीने की अंतरिम जमानत
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2025 में बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए आसाराम को छह महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद वे जोधपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए और इलाज के सिलसिले में विभिन्न स्थानों पर गए। इसी दौरान वे अयोध्या पहुंचे हैं।
2018 में सुनाई गई थी उम्रकैद
आसाराम के खिलाफ 2013 में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। आरोप था कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आश्रम से जुड़ी छात्रा को इलाज के बहाने जोधपुर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। मामले की लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की विशेष अदालत ने POCSO एक्ट सहित अन्य धाराओं में उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद रहे हैं।
यात्रा को लेकर बहस तेज
आसाराम के अयोध्या आगमन को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था का विषय बता रहे हैं, जबकि कई लोग उनके खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए सवाल उठा रहे हैं।
आसाराम बापू का अयोध्या प्रवास जारी है और उनके रामलला दर्शन कार्यक्रम पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है।