संत प्रेमानंद ने कहा हमें किसी से कोई शिकायत नहीं, नियमित रूप से जारी रहेगी पदयात्रा

Update: 2025-02-17 13:41 GMT

मथुरा। अपने प्रवचनों से देश-दुनिया में पहचान बनाने वाले संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा बंद होने के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी 'जुबानी जंग' के बीच पहले विरोध करने वाले एनआरआई ग्रीन कॉलोनी का प्रतिनिधिमंडल फिर संत के पास पहुंचा।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रेमानंद महाराज फिर से पदयात्रा शुरू करने का आग्रह किया। उनकी मांग पर संत का हृदय परिवर्तन और उन्होंने फिर सोमवार-मंगलवार रात दो बजे से फिर पुराने रास्ते से ही पदयात्रा करने की घोषणा की।

कार से जाने लगे थे श्रीराधा केलि कुंज

दरअसल, संत प्रेमानंद की रात्रिकालीन पदयात्रा का एनआरआई ग्रीन कॉलोनी के लोगों ने विरोध किया था, जिसके बाद संत प्रेमानंद ने छह फरवरी को रात्रिकालीन पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी और कार में बैठ दूसरे रास्ते से श्रीराधा केलि कुंज पहुंच रहे थे।

पदयात्रा के विरोध में उतरे लोग जब सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए तो उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और सोसायटी के अध्यक्ष ने संत प्रेमानंद के पास पहुंचकर क्षमा मांगी और पदयात्रा उसी रास्ते से निकालने की मांग की।

संत प्रेमानंद से मुलाकात करने पहुंचे सोसायटी के लोग

पहले विरोध और फिर क्षमा के बीच संत प्रेमानंद ने सोसायटी अध्यक्ष को पदयात्रा शुरू करने का भरोसा तो दे दिया, लेकिन समय नहीं बताया। इसके बाद सोमवार को एक बार फिर एनआरआई ग्रीन के आसपास के निवासियों का प्रतिनिधिमंडल संत प्रेमानंद से मुलाकात करने पहुंचा।

उन्होंने प्रेमानंद महाराज से कहा कि पदयात्रा में दर्शन के लिए देशभर के करीब एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन आते थे, जिन्हें अब दर्शन संभव नहीं हो रहे। ऐसे लोगों को दुख हो रहा है। वृंदावन में तो हरिनाम संकीर्तन होना ही चाहिए। इससे वृंदावन की महिमा में वृद्धि हो रही है।

हमें रात की पदयात्रा से किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है और हमें आपके दर्शन से भी वंचित रहना पड़ रहा है। आप ब्रजवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी करें और रात्रिकालीन पदयात्रा उसी रास्ते से शुरू करें, ताकि हमें और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन संभव हो सकें। इस पर संत प्रेमानंद का हृदय परिवर्तन हुआ और मंगलवार की भोर से रात दो बजे पदयात्रा शुरू करने का एलान कर दिया।


संत प्रेमानंद ने कहा हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है। कुछ लोगों को दिक्कत हुई थी और हम किसी को परेशानी में डालना नहीं चाहते, बस इतनी सी बात थी, इसलिए हमने पदयात्रा स्थगित कर रास्ता ही बदल दिया था, ताकि उन लोगों को दिक्कत न हो।

उन्होंने कहा कि हमारे अंदर उनके प्रति भी कोई दुर्भावना नहीं है, वे हमारे हैं। हम निश्चित तौर पर पदयात्रा श्रीकृष्ण शरणम से रात दो बजे शुरू करेंगे और चिंतित न हों। नियमित रूप से पदयात्रा अब जारी रहेगी।

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