केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज इंटरपोल की तर्ज पर भारतपोल की शुरुआत करेंगे

Update: 2025-01-07 05:09 GMT

नई दिल्‍ली। देश में अपराध करके विदेश फरार होने और वहां से भारत में जुर्म का सिंडीकेट चलाकर तबाही मचाने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं होगी। वे दिन हवा होने वाले हैं, जब क्रिमिनल छुप जाते और सालों-साल पुलिस उनको तलाशती रहती। अब अपराधी देश में छिपे हों या फिर विदेश भाग गए हों, भगोड़े आतंकवादियों और अपराधियों की जानकारी राज्‍यों की पुलिस सीधे इंटरपोल से ले सकेगी। अब अपराधियों पर शिकंजा कसना आसान हो जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय इंटरपोल (Interpol) की तर्ज पर भारतपोल (Bharatpol) शुरू कर रहा है। भारतपोल यानी इंडियन इंटरपोल कब से और कैसे काम करेगा, इसकी जरूरत क्यों पड़ी जैसे सभी सवालों के जवाब यहां पढ़िए...

भारतपोल क्‍या है?

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतपोल (Bharatpol) नाम से एक अत्याधुनिक पोर्टल बनाया है, जो राज्‍यों व केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस और एनआईए व ईडी समेत सभी जांच एजेंसियों को एक साथ जोड़ता है।

भारतपोल कब से काम करेगा?

भारतपोल का सफल ट्रायल हो चुका है। अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज,मंगलवार यानी 7 जनवरी को भारत मंडपम में इसकी शुरुआत करने वाले हैं।

इंटरपोल क्या है, जिसकी तर्ज पर बना है भारतपोल?

इंटरपोल 195 देशों की जांच एजेंसियां का पुलिस संगठन है, जो दुनिया भर में अपराध पर लगाम कसने के लिए अपराधियों के बारे में सूचनाओं का लेनदेन और उन्हें दबोचने के लिए इंटरनेशनल नोटिस जारी करता है। भारत की ओर से सीबीआई इससे जुड़ी है। वहां सीबीआई के अधिकारी नियुक्त हैं।

भारतपोल की जरूरत क्‍यों पड़ी?

अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद विदेश भाग चुके अपराधियों की जानकारी के लिए अभी राज्‍यों की पुलिस को सीबीआई से आग्रह करना पड़ता है। इसके बाद सीबीआई इंटरपोल में बात करती है, तब जाकर नोटिस जारी होते हैं। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। भारतपोल के माध्‍यम से राज्‍यों की पुलिस व संबंधित जांच एजेंसियां सीधे पोर्टल पर रिक्वेस्ट इंटरपोल को कर सकेंगी।

भारतपोल से क्‍या लाभ होगा?

मौजूदा वक्‍त में पुलिस को पता करना हो कि उनकी रिक्वेस्ट का स्टेटस क्या है, इसके लिए दोबारा सीबीआई को ई-मेल या फैक्स करना पड़ता है। भारतपोल के जरिये पुलिस सीधे रिक्‍वेस्‍ट ट्रैक कर सकेगी।

क्‍या भारतपोल नोटिस जारी कर सकेगा?

नहीं, भारतपोल नोटिस जारी नहीं कर सकेगा। नोटिस इंटरपोल ही जारी करेगा। पुलिस को किसी अपराधी के बारे में जानकारी चाहिए तो भारतपोल के जरिये पुलिस सीधे इंटरपोल से संपर्क कर सकेगी। अगर इंटरपोल की ओर से रिक्वेस्ट एक्सेप्ट हो जाती है तो देश छोड़कर भाग चुके अपराधी के खिलाफ नोटिस जारी हो सकेगा।

क्‍या पाकिस्‍तान इंटरपोल का सदस्य है?

हां, पाकिस्तान भी इंटरपोल का सदस्य है। वह 1995 में इंटरपोल में शामिल हुआ था। जबकि भारत 1949 से इंटरपोल का सक्रिय सदस्य है।

भारत ने इंटरपोल की सहायता से कई भगोड़े अपराधियों का प्रत्‍यपर्ण कराने में सफलता प्राप्त की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, 2021 से अब तक इंटरपोल के माध्यम से 100 से अधिक अपराधियों को भारत लाया जा चुका है, जिसमें से 2024 में ही 26 अपराधियों का प्रत्यर्पण हुआ है। इनमें सलमान रहमान खान, बरकत अली खान और रायहान अरबिक्कललारिक्कल जैसे अपराधी शामिल हैं।

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