हादसे ने खोला अपहरण का खौफनाक राज, बोलेरो में बदमाशों के साथ मिले अगवा दो मासूम बच्चे, गुरुग्राम से हुआ था किडनैप
सीबीगंज क्षेत्र के बड़ा बाईपास पर हुए भीषण हादसे ने अब चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस बोलेरो कार हादसे में पांच लोगों की मौत की बात सामने आई थी, उसमें सवार लोग आम यात्री नहीं बल्कि किडनैपिंग गैंग के सदस्य निकले।
बरेली : सीबीगंज क्षेत्र के बड़ा बाईपास पर हुए भीषण हादसे ने अब चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस बोलेरो कार हादसे में पांच लोगों की मौत की बात सामने आई थी, उसमें सवार लोग आम यात्री नहीं बल्कि किडनैपिंग गैंग के सदस्य निकले। हादसे में तीन बदमाशों की मौत हुई, जबकि एक घायल है। कार से बरामद दो मासूम बच्चे गुरुग्राम से अगवा किए गए थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 निवासी ऑटो ड्राइवर मनोज और उनके दो बच्चे—6 साल का मयूर और 3 साल का लक्ष्य—शनिवार शाम से लापता थे। पत्नी पूजा ने रविवार को थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया गया कि मनोज बच्चों को साथ लेकर सवारी छोड़ने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। मंदिर के पास उनका ऑटो खड़ा मिला, जबकि तीनों गायब थे। पूजा के मुताबिक, देर रात मनोज के मोबाइल से कॉल आई, जिसमें बदमाशों ने धमकी दी कि पुलिस को सूचना दी तो सबको मार देंगे। उन्होंने कहा कि चार घंटे में छोड़ देंगे, लेकिन इसके बाद फोन कट गया। बदमाशों ने मनोज और बच्चों से बात भी करवाई, जिससे परिवार दहशत में आ गया।
हादसे के बाद खुला राज, कार में मिले बेहोश बच्चे
रविवार देर रात बरेली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क कर बताया कि हादसे वाली बोलेरो से दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले हैं। फोटो भेजे जाने पर मां ने बच्चों की पहचान कर ली। घायल बच्चों का इलाज जारी है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि हादसे में मारा गया एक बदमाश मनमोहन फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर गांव का निवासी था। अन्य आरोपी रामपुर और पीलीभीत के बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि मनोज से रंगदारी या फिरौती वसूलने के लिए उसे बच्चों समेत अगवा किया गया था।
सर्विलांस से मिली बड़ी सफलता, मनोज को ढूंढा
एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिए अपहृत मनोज को भी तलाश लिया है। पूरे मामले में सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही बड़ा खुलासा होने की संभावना है। बरेली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस मिलकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का मामला है, जिसका जल्द ही पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।