रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला: सातवें दिन भी उमड़ी भीड़, किताबों पर भारी छूट

Update: 2026-03-19 13:36 GMT


लखनऊ, 19 मार्च। रवीन्द्रालय चारबाग में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेला 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंचते हुए भी पाठकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रविवार को समाप्त होने वाले इस मेले में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग पुस्तकें खरीदने पहुंच रहे हैं।

निःशुल्क प्रवेश वाले इस मेले का समय सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित है। मेले में सभी पुस्तकों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जबकि कई स्टालों पर यह छूट 20 से 60 प्रतिशत तक पहुंच रही है।

हिन्दी साहित्य के प्रमुख स्टालों पर पी.वी. काणे की ‘धर्मशास्त्र का इतिहास’, राजबली पाण्डेय की ‘हिन्दू धर्मकोश’ और फिराक गोरखपुरी की कृतियों की अच्छी बिक्री देखी जा रही है। वहीं गीतांजलि श्री की ‘रेत समाधि’ और हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’ भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों के लिए ‘अमर चित्र कथा’ विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

साहित्यिक मंच पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कई साहित्यकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया तथा कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

इसी क्रम में राजेश कुमार सिंह श्रेयस के उपन्यास ‘अचानक डूबता सूरज उग आया’ का विमोचन भी किया गया, जिसमें अनेक साहित्यकारों ने भाग लेकर पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए।

मेले में 20 मार्च को भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पुस्तक चर्चा, विमोचन और काव्य गोष्ठी प्रमुख हैं।

कुल मिलाकर, लखनऊ पुस्तक मेला न केवल पुस्तक प्रेमियों के लिए खरीदारी का अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक समृद्ध मंच भी साबित हो रहा है।

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