यज्ञ-संस्कृति और यज्ञ-भाव से ही भारत बनेगा विश्व गुरु -अगले वर्ष पुष्कर तीर्थ में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ की तैयारी बैठक रायबरेली में संपन्न

Update: 2026-01-07 08:07 GMT

रायबरेली, 7 जनवरी।


“होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से,

जल्दी प्रसन्न होते हैं भगवान यज्ञ से।”

भारत की सनातन संस्कृति यज्ञ, दान, ज्ञान, स्वाहा और परमार्थ की संस्कृति रही है। प्राचीन काल से ही इस पुण्यभूमि पर छोटे-बड़े यज्ञ अनवरत संपन्न होते रहे हैं। इसी पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगामी वर्ष 2026 में 8 मार्च से 19 अप्रैल तक विश्वविख्यात पुष्कर तीर्थ (मणिवेदिका) में यज्ञ सम्राट महामंडलेश्वर श्री स्वामी प्रखर जी महाराज के पावन सान्निध्य एवं संयोजन में शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

इस महायज्ञ में भारत के कोने-कोने से धर्मनिष्ठ, यज्ञनिष्ठ एवं अध्यात्मप्रेमी श्रद्धालु भारी संख्या में सहभागिता करेंगे। इस विराट आयोजन की तैयारियों के क्रम में देश के विभिन्न प्रांतों एवं जनपदों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में रायबरेली जनपद में तैयारी बैठक का आयोजन सत्यमित्रानन्द पी.जी. कॉलेज, रायबरेली के सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

बैठक में रायबरेली के विभिन्न अंचलों से पधारे ब्रह्मनिष्ठ, यज्ञ-जिज्ञासु एवं ज्ञान-जिज्ञासु श्रद्धालुओं को महामंडलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज ने यज्ञ-संस्कृति के महत्व पर विस्तार से संबोधित किया।

इस अवसर पर स्वामी जी के प्रतिनिधि संजीव पाण्डेय, एडवोकेट ने जानकारी दी कि पुष्कर तीर्थ में 8 मार्च से 20 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस विशाल महायज्ञ में देश के प्रख्यात संतों एवं अध्यात्मवेत्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इनमें प्रमुख रूप से—

स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज,

मलूक पीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज,

अयोध्या के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज,

प्रसिद्ध सत्संग व्यास पं. रमेश भाई ओझा

सहित अनेक पूज्य संत एवं विद्वानजन सम्मिलित होंगे।

स्वामी प्रखर जी महाराज ने रायबरेलीवासियों से इस अनूठे एवं ऐतिहासिक यज्ञानुष्ठान में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष सहभागिता का भावपूर्ण आह्वान किया।

बैठक में राजेंद्र कुमार बाजपेयी के महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विजय शंकर अग्निहोत्री, कमलेश पाण्डेय, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी (पूर्व अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन), रोहित बाजपेयी, मनीष त्रिपाठी, नवल किशोर बाजपेयी, राजेंद्र अवस्थी, कमलेश द्विवेदी, रिक्की पाण्डेय, ओम प्रकाश शुक्ल, सुधांशु बाजपेयी, सिद्धेश्वर मिश्र सहित हजारों की संख्या में विप्रगण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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