सीमा पार से धमकी का मामला, संगीत सिंह सोम का दो टूक संदेश - सनातन धर्म और राष्ट्र सर्वोपरि
रिपोर्ट : विजय तिवारी
मेरठ।
उत्तर प्रदेश भाजपा के फायर ब्रांड नेता और पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम को बांग्लादेश से मोबाइल फोन कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। यह धमकी ऐसे समय पर सामने आई, जब उन्होंने बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर सार्वजनिक रूप से तीखी आपत्ति और विरोध दर्ज कराया था।
धमकी का तरीका और जांच की दिशा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बांग्लादेश से जुड़ा बताया और फोन पर सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी। धमकी की भाषा आक्रामक और दबाव बनाने वाली बताई जा रही है। सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
मामले को गंभीर मानते हुए साइबर स्तर पर जांच तेज कर दी गई है। कॉल की तकनीकी लोकेशन, नेटवर्क रूट, डिजिटल ट्रेल, आईपी डिटेल्स और संभावित अंतरराष्ट्रीय लिंक की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि कॉल वास्तविक रूप से विदेश से आई या किसी तकनीकी माध्यम से स्थान छिपाया गया।
संगीत सिंह सोम का स्पष्ट और कड़ा बयान
पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए संगीत सिंह सोम ने दो टूक कहा—
“हम सनातन धर्म और संस्कृति से जुड़े हैं और जुड़े रहेंगे। धर्म और देश—राष्ट्र पहले है। धमकियों से हम डरने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्र, समाज और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज़ पहले भी बुलंद थी और भविष्य में भी किसी दबाव में नहीं झुकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया निगरानी
सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा, आवाजाही की निगरानी और संपर्कों पर सतर्कता जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। खुफिया इकाइयां भी लगातार इनपुट जुटा रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
प्रशासन का रुख
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य और अन्य इनपुट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की धमकियों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला केवल एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा पार से मिलने वाली धमकियों और आंतरिक सुरक्षा की चुनौती को भी उजागर करता है। जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की वास्तविकता और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट होगी, लेकिन मौजूदा स्थिति में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में