आनन्द गुप्ता / अनवार खाँ मोनू
बहराइच
गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन में दिखा शौर्य, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम
बहराइच।
दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर बहराइच में निकाले गए भव्य नगर कीर्तन ने पूरे नगर को गुरु-भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया। “बोले सो निहाल… सत्य श्री अकाल” के गगनभेदी जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा में शौर्य प्रदर्शन, कीर्तन, सेवा और अनुशासन का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
नगर कीर्तन का मुख्य आकर्षण रूस और स्कॉटलैंड सहित कई देशों में अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर चुके इंटरनेशनल निशाने खालसा ग्रुप द्वारा प्रस्तुत रोमांचक करतब रहे। ग्रुप के गुरप्रीत सिंह के नेतृत्व में किए गए शौर्य प्रदर्शन को देख दर्शक हतप्रभ रह गए। वहीं मात्र 4 वर्षीय इंडिया गॉट टैलेंट विजेता सुरखाब सिंह और 5 वर्षीय शूरमा पंथ प्रीत सिंह के साहसिक कौशल ने सभी का मन मोह लिया।
गुरद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष मनदीप सिंह वालिया ने बताया कि नगर कीर्तन की शुरुआत पीपल चौराहा स्थित गुरुद्वारे से हुई। फूलों से सजी अलौकिक पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगवानी पांच प्यारों की अगुवाई में की गई। शोभायात्रा पीपल चौराहा से घंटाघर, छावनी, अग्रसेन चौक, डिगिहा तिराहा, गुरु नानक चौक और छोटी बाजार होते हुए पुनः गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें गौरा, धनौली, डीहवा, मटेरा, हीरा सिंह पुरवा, पयागपुर और फखरपुर की संगत भी शामिल रही।
नगर कीर्तन में अनुशासन और सेवा का सुंदर उदाहरण देखने को मिला, जब छोटे-छोटे सिख बच्चों ने स्वच्छता की जिम्मेदारी संभाली और प्रसाद वितरण के बाद सड़क की सफाई करते हुए चलते रहे। हजूरी रागी भाई फतेह सिंह जी के मधुर शब्द कीर्तन से संगत निहाल होती रही। केसरिया दस्तारों में सजे बच्चों द्वारा लगाए गए जयकारों ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संस्थाओं एवं सिख संगत की ओर से चाय-नाश्ते के स्टॉल लगाए गए। नगर कीर्तन के समापन पर हेड ग्रंथी ज्ञानी विक्रम सिंह जी ने सरबत के भले की अरदास कराई, जिसके पश्चात गुरु का अटूट लंगर आरंभ हुआ।
इस अवसर पर संरक्षक मनजीत सिंह शंपी, जगनंदन सिंह, महामंत्री भूपेंद्र सिंह वालिया, उपाध्यक्ष परमजीत सिंह, जगजीत सिंह, देवेंद्र सिंह बेदी, आत्मजीत सिंह, मीडिया प्रभारी परविंदर सिंह सम्मी, जसपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, डॉ. बलमीत कौर, अर्शदीप सिंह, कुलबीर सिंह, जिक्की सिंह, बाबा अजीत सिंह, पवनप्रीत सिंह, देवेंद्र पाल सिंह, जोरावर सिंह, राजेंद्र कौर, बलजीत कौर, चरणजीत कौर, गुरबख्श कौर, गुरजीत कौर, कुलदीप कौर, रामेंद्र कौर, हरजीत कौर सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।