विजय तिवारी की रिपोर्ट
दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का राजधानी दिल्ली में कार्यक्रम होगा। ' भविष्य का भारत- आरएसएस का दृष्टिकोण' विषय पर यह कार्यक्रम 17 से 19 सितंबर तक दिल्ली के विज्ञानभवन में होगा। जहां भविष्य के भारत की परिकल्पना और संघ की सोच के विषय पर मोहन भागवत संवाद करेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण नई दिल्ली. सितंबर 17, 18, 19 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत की ओर से तीन दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन विज्ञान भवन में किया जा रहा है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण प्रबुद्धजनों के समक्ष रखेंगे. व्याख्यान माला में समाज के समस्त अंगों के चयनित प्रबुद्धजनों के साथ यह विचार मंथन होगा. पहले दो दिन विभिन्न विषयों पर सरसंघचालक जी का संबोधन रहेगा, तीसरे दिन जिज्ञासा समाधान व प्रश्नोत्तर के पश्चात समापन सत्र होगा.
सारे देश के अंदर ऐसा एक अनुभव आया है कि संघ कार्य को समझने और उससे जुड़ने की इच्छा, उत्सुकता चारों तरफ बढ़ रही है. एक बहुत बड़ा वर्ग देश में ऐसा तैयार हो गया है, जो अपने देश की संस्कृति का गौरव मन में रखता है. समाज और देश के लिए प्रत्यक्ष योगदान करना चाहता है और इसके लिए वह संघ के साथ जुड़कर भी काम करना चाहता है. संघ जिज्ञासा, उत्सुकता का विषय तो है ही, संघ का दैनंदिन राजनीति से कोई संबंध नहीं है. परंतु, राजनीतिक दलों से जुड़े बहुत सारे लोग हर मुद्दे को संघ से जोड़ने की कोशिश करते हैं, वास्तव में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है. इसे देखते हुए एक विचार बना कि भविष्य के भारत की संकल्पना और इस पर संघ का दृष्टिकोण, संपूर्ण समाज को साथ जोड़ने की हमारी कल्पना और उसकी भूमिका क्या है, इन विषयों पर सरसंघचालक जी समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करेंगे .