बसपा से बगावत का झंडा उठाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य का सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ पुराना दोस्ताना रहा है। वे एक दशक से ज्यादा समय तक मुलायम के साथ काम कर चुके हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भूगोल में परास्नातक और एलएलबी करने वाले मौर्य ने 1980 में सक्रिय राजनीति की शुरुआत रालोद से की। तब चौधरी चरण सिंह रालोद के सर्वेसर्वा हुआ करते थे और मुलायम सिंह भी इसी दल में थे। मौर्य को पहली जिम्मेदारी युवा रालोद के संयोजक की मिली।
इसके बाद वे युवा लोकदल के प्रदेश महामंत्री तथा लोकदल की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, प्रदेश महामंत्री और मुख्य महासचिव रहे। जनता दल के गठन के बाद मौर्य भी जनता दल के साथ हो लिए और 1991-95 तक प्रदेश महासचिव रहे।
मुलायम भी तब जनता दल का हिस्सा थे। आगे चलकर मुलायम ने समाजवादी पार्टी बनाई और मौर्य 1996 में बसपा में शामिल हो गए। इस तरह मौर्य एक दशक से ज्यादा समय तक सपा मुखिया के साथ रह चुके हैं। अब एक बार फिर उनकी नई पारी सपा के साथ शुरू होने के संकेत हैं।
इसके बाद वे युवा लोकदल के प्रदेश महामंत्री तथा लोकदल की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य, प्रदेश महामंत्री और मुख्य महासचिव रहे। जनता दल के गठन के बाद मौर्य भी जनता दल के साथ हो लिए और 1991-95 तक प्रदेश महासचिव रहे।
मुलायम भी तब जनता दल का हिस्सा थे। आगे चलकर मुलायम ने समाजवादी पार्टी बनाई और मौर्य 1996 में बसपा में शामिल हो गए। इस तरह मौर्य एक दशक से ज्यादा समय तक सपा मुखिया के साथ रह चुके हैं। अब एक बार फिर उनकी नई पारी सपा के साथ शुरू होने के संकेत हैं।