Read latest updates about "व्यंग ही व्यंग" - Page 1

  • हम ईहाँ बिआह करे आये हैं कि पेशाब...हद्द है एकदम्मै .. का घरभर के सबूत चाही

    कुछ सच्ची घटनाएं ऐसी होती हैं जिसके प्रकाशन का एक माकूल वक्त खुदबखुद चला आता है-एक सज्जन के बिटिया का बिआह था. बारात जनवासे पर पहुंच गई. बारात के स्वागत-सत्कार के बाद लड़की के पिता दुल्हे के समक्ष बैठे और इधर-उधर की तमाम बातों के बाद दुल्हे से बोले- ' ए पहुना!जाईं तनि लघुशंका कर लीं'दुल्हा ने अपने...

  • पाकिस्तान भिखारी को अब करो दुरूस्त : कृष्णेन्द्र राय

    खौल रहा खून ।फड़क रही भुजाएँ ।।बेनक़ाब पड़ोसी ।चली अब हवाएँ ।। कर दो दुरूस्त ।टुकड़े अब चार ।।कुचल डालो फ़न ।बना दो लाचार ।।मिटा दो वजूद ।पानी सर उपर ।।पाकिस्तान भिखारी ।आवाज हुई मुखर ।।कृष्णेन्द्र राय Krishnendra Rai

  • नेता का किरदार, एडवोकेट गज़ब

    सिब्बल की वकालत ।ख़त्म करो क़ानून ।।देशद्रोह समाप्त ।उनका अब जुनून ।।उमड़ रहा प्यार ।देखो उनका अजब ।।नेता का किरदार ।एडवोकेट ग़ज़ब ।।देख रही जनता ।पूरा होगा ख़्वाब ?करेंगे अब दाख़िल ।कोर्ट में जनाब ?व्यंग्यात्मक लेखक : कृष्णेन्द्र रायपवई,मुंबई (ईमेल :-Krishnendra.rai@hotmail.com)

  • राष्ट्रीय यादव सेना,ये कैसा व्यवहार :कृष्णेन्द्र राय

    घटिया बयानबाज़ी ।बेटियों पर प्रहार ।।राष्ट्रीय यादव सेना ।ये कैसा व्यवहार ?क़द्र करो भाई ।बेटियों से आँगन ।।तुच्छ मानसिकता ।अब तक है जतन ?विचारधारा धूमिल ।हरकतें हैं जारी ।।विचारों का पतन ।या गठबंधन ख़ुमारी ?व्यंग्यात्मक लेखक :कृष्णेन्द्र राय

  • कोई आज हामिद से पूछे की मौत के पिंजरे से निकलकर अपनी माँ से लिपट जाना, कैसा होता है?

    हामिद अंसारी के भारत की सरज़मीं पर वापसीे की खबर और विडियो बहुत भावुक करने वाला है। कोई मौत के शिकंजे से छूटकर अपनी माँ के आंचल में छुप जाये तो उस अहसास को शब्दों में बयाँ करना न तो हामिद के वश का है और न ही किसी दूसरे के। उनके उखड़ते शब्द और आँसुओं के बीच की रिक्तता को, हम सिर्फ अपनी संवेदनशीलता से...

  • राहुल जी के सोना सत्याग्रह के बाद भारत के हर घर मे सोना बनने लगा

    2020... राहुल जी को भारत का प्रधानमंत्री बने वर्ष भर हो गए हैं। इस एक वर्ष में राहुल जी ने जो ऐतिहासिक लोकप्रियता प्राप्त की है, वैसी लोकप्रियता महात्मा गाँधी के अतिरिक्त और किसी को नहीं मिली थी। महात्मा गाँधी के नमक सत्याग्रह के बाद जिस तरह देश के घर-घर मे लोग नमक बनाने लगे थे,...

  • नेता या गुंडे ?

    गिर गया स्तर ।घूँसे रहे चल ।।शो बने अखाड़े ।ज़ुबान रही फिसल ।।धक्कामुक्की चरम ।नेता या गुंडे ?नैतिकता बेदम ।तेल पिलाओ डंडे ।।पार्टी के चेहरे ।उदंडता की लहर ।।ऐसी नौबत आयी ।झेलो अब क़हर ।।व्यंग्यात्मक लेखक : कृष्णेन्द्र राय /Krishnendra Rai

  • पाक मोह में सिद्धू हुए विवादित : कृष्णेन्द्र राय

    सिद्धू हुए विवादित ।क्रियाकलाप पर शक ।।कैबिनेट मंत्रि ।छीन रहा हक ?बाजवा इमरान ।चालू है याराना ।।घोप रहा खंजर ।इनका गले लगाना ?बने विश्व उपदेशक ।इमरान इनका हीरो ।।बुरा पर असर ।हो जायेंगे ज़ीरो ?व्यंग्यात्मक लेखक : कृष्णेन्द्र राय/Krishnendra Rai

Share it
Share it
Share it
Top