Read latest updates about "व्यंग ही व्यंग" - Page 1

  • सरकार की रोस्टर प्रणाली, मुहल्ले में काला सांड गया तो चितकबरा आ गया : रिवेश प्रताप सिंह

    सरकार में रोस्टर प्रणाली वाला सिस्टम ठीक चल रहा है. अब शहर के किसी मुहल्ले में सांड, साल- छह महिने से ज्यादा टिक नहीं सकते। आप चौराहे पर जिस काले सांड से बचकर निकलते थे अब आपको डरने की जरूरत नहीं. उसकी जगह ड्यूटी पर चितकबरा सांड आ गया. काले वाले को नगरनिगम की गाड़ी ने दक्षिणी छोर पर टिका...

  • भारत की बेटी का जाना रो रहा ज़माना..

    भारत की बेटी ।सुषमा का जाना ।।ग़मज़दा है भारत ।रो रहा ज़माना ।।प्रखर वक्ता-विदुषी ।गया कोहिनूर ।।सदमे में क़रीबी ।इतनी जल्दी दूर ?अलविदा कह गयी ।शख़्सियत अनमोल ।।गूँज रहे कान ।भाषण और बोल ।।संकट मोचक हस्ती ।लोहा माना यूएन ।।श्रद्धांजली हमारी ।करते हम नमन् ।।व्यंग्यात्मक लेखक :कृष्णेन्द्र राय, ...

  • संसद भी लाचार ? .................: कृष्णेन्द्र राय

    अभद्र हुए आजम ।ना हुआ सुधार ।।पार्टी का बक़ाया ।क़र्ज़ रहे उतार ?अशोभनीय हरकत ।संसद शर्मसार ।।बेलगाम ज़ुबान ।कब होगा उपचार ?छवि लगातार ।ले रही आकार ।।हतप्रभ सदस्य ।संसद भी लाचार ?बेलगाम सांसद ।क्षेत्र का सिरमौर ।।रामपुर वालों ।किया कभी ग़ौर ?कृष्णेन्द्र रायKrishnendra Rai

  • ममता का बंगाल..जय श्री राम बोलना बन गया अपराध...

    'फिसल रही सत्ता' ?जय श्री राम बोलना ।बन गया अपराध ।।ममता का बंगाल ।जारी है विवाद ।।घर किया प्रतिशोध ।तुष्टीकरण अनवरत ।।ढ़ह गया क़िला ।धूमिल हुई हसरत ।। रेत की माफ़िक़ ।फिसल रही सत्ता ?दीदी हैं भयभीत ।जनादेश ना जमता ?कृष्णेन्द्र रायKrishnendra Rai

  • मुस्लिम परिवार की स्टूडेंट का शरीर फाँसी के फंदे पर लटका मिला, वो कैसे थी हिन्दू दलित

    एक मेडिकल कॉलेज में एक स्टूडेंट मृत पाई गयी। उसका शरीर फाँसी के फंदे पर लटका हुआ था। प्रथमदृष्टया सबको लगा कि उसने आत्महत्या की है। पर कुछ चीजें अलग थीं, जैसे उसने कोई सुसाइट नोट नहीं छोड़ा था, और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोट के निशान थे। अब लड़की के परिवार के बारे में जानिए। लड़की...

  • हम ईहाँ बिआह करे आये हैं कि पेशाब...हद्द है एकदम्मै .. का घरभर के सबूत चाही

    कुछ सच्ची घटनाएं ऐसी होती हैं जिसके प्रकाशन का एक माकूल वक्त खुदबखुद चला आता है-एक सज्जन के बिटिया का बिआह था. बारात जनवासे पर पहुंच गई. बारात के स्वागत-सत्कार के बाद लड़की के पिता दुल्हे के समक्ष बैठे और इधर-उधर की तमाम बातों के बाद दुल्हे से बोले- ' ए पहुना!जाईं तनि लघुशंका कर लीं'दुल्हा ने अपने...

  • पाकिस्तान भिखारी को अब करो दुरूस्त : कृष्णेन्द्र राय

    खौल रहा खून ।फड़क रही भुजाएँ ।।बेनक़ाब पड़ोसी ।चली अब हवाएँ ।। कर दो दुरूस्त ।टुकड़े अब चार ।।कुचल डालो फ़न ।बना दो लाचार ।।मिटा दो वजूद ।पानी सर उपर ।।पाकिस्तान भिखारी ।आवाज हुई मुखर ।।कृष्णेन्द्र राय Krishnendra Rai

  • नेता का किरदार, एडवोकेट गज़ब

    सिब्बल की वकालत ।ख़त्म करो क़ानून ।।देशद्रोह समाप्त ।उनका अब जुनून ।।उमड़ रहा प्यार ।देखो उनका अजब ।।नेता का किरदार ।एडवोकेट ग़ज़ब ।।देख रही जनता ।पूरा होगा ख़्वाब ?करेंगे अब दाख़िल ।कोर्ट में जनाब ?व्यंग्यात्मक लेखक : कृष्णेन्द्र रायपवई,मुंबई (ईमेल :-Krishnendra.rai@hotmail.com)

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