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व्यंग ही व्यंग - Page 1

  • "तुमने नाव के भीतर क्यों थूका?" क्या मेरे नाव थूकने से नाव डूब जायेगी ....और ...

    नाव डूबने के बाद नाविक और पांच-सात कुशल तैराक नदी में तैरकर अपनी-अपनी जान बचाये. उधर नाव, सबको नदी में छोड़.. खुद आगे निकल गई.बचे हुए लोग राजा के दरबार में पेश किये गये - राजा ने नाविक से पूछा-नाव कैसे डूबी!नाव में छेद था क्या?नाविक- नहीं महाराज! नाव बिल्कुल दुरुस्त थी.महाराज- इसका मतलब, तुमने सवारी...

  • तबलीगी जमात ने देश से किया है घात : अभय सिंह

    तब्लीगी जमात । देश से किया घात ।।चर्चा है सरेआम ।जुबां पर है नाम ।।निजामुद्दीन मरकज़ ।मचाया उत्पात ।।जोखिम में जिंदगी ।दिया सबका डाल ।।स्थिति भयावह ।दोषी है कौन ?मौलाना फ़रार ।सिस्टम है लाचार ।।बदतर हालात ।ये कैसा खेल ?जमात के लोग ।जगह-जगह गए फैल ।।फैला संख्या कोरोना ।देश के कोना-कोना ।।

  • रखें अपना धर्य घर में रहें कैद : अभय सिंह

    फैसला लिया कठिन ।कर देना मुझे मांफ ।।हो रही है असुविधा ।घर में कैद है आप ।।रखें अपना धर्य । आपका भी फ़र्ज ।।आप हैं नाराज ।मालूम है बात ।।नाजुक है दौर ।पीएम मन की बात ।।वैश्विक कोरोना ।दे रहा है चुनौती ।।नियम का सख्त पालन ।कर न रहें हैं कुछ लोग ।।फोन पर कर बात ।बढाया उत्साह ।।किया जिसने साझा...

  • मत हो अधीर, महामारी गंभीर ...घर पर रुक कर पेश करो नजीर : अभय सिंह

    हमसब हैं राष्ट्र भक्त ।सभी का है एक ही कर्तव्य ।।आओ ले लो शपथ ।भूल जाओ वो सभी पथ ।।प्रधान किये आह्ववान ।हो जाओ सजग और सावधान ।।मत हो अधीर,महामारी गंभीर ।घर पर रुक कर सब पेश करे नजीर ।।मानवता के लिए है एक ही धर्म ।बना कर दूरी,रख लो संयम ।।हो कर संकल्पित,पालन करें राष्ट्रव्रत ।ठहर जाओ घर तुम इतना कर...

  • भीड़ से पटी हैं सड़कें ....चौतरफा हाहाकार : अभय सिंह

    हो रहा पलायन ।देख लो सरकार ।।छूट गया काम ।हो गए लाचार ।।मजदूर किये कूच ।जाना है घर-द्वार ।।चल पड़े हैं पैदल ।यात्रा है दुखद ।।निकल पड़े लोग ।भूखे और प्यासे ।।विकट है समस्या ।ध्यान दे सरकार ।।भीड़ से पटी सड़कें ।चौतरफा हाहाकार ।।भयभीत है दृश्य ।जाने की हैं होड़ ।।हाथ जोड़ विनती ।कोशिश बारंबार ।।कृप्या रुक...

  • बाहर न जायें ....कर लो संकल्प.. हारेगा कोरोना..जीतेंगे हम : अभय सिंह

    रखें उचित दरी ।यही है विकल्प ।।बाहर न जायें ।कर लो संकल्प ।।यही एक रास्ता ।बचने का वास्ता ।।घर में रहो कैद ।खुद में अनुशासन ।।बुरा है दौर ।जायेगा टल ।।रखें सभी सब्र ।निकलेगा हल ।।हारेगा कोरोना ।जीतेंगे ये जंग ।।रखेंगे स्वच्छता ।गंदगी ना पसंद ।।

  • सरकार करे काम तुम घर पर करो आराम

    छठ जायेंगे संकट।प्रार्थना की दौर जारी ।।युद्घ स्तर पर काम ।घर पर करो आराम ।।खतरा बरकरार ।बरतो एहतियात ।।रखें सभी संयम ।मिलेगी निजात ।।रखें अपना ध्यान ।स्वच्छता अपनाएँ ।।निर्देश का करे पालन ।दूरी रहें बनाएँ ।।फिजूलआना-जाना ।करो बहिष्कार ।।कुछ दिन रखो सब्र ।समान्य होगी स्थिति ।।अभय सिंह .....

  • महागठबंधन में .... बढ़ी तकरार

    महागठबंधन में । चल नहीं रहा ठीक ।।जब से मांझी ।मिले नीतिश ।।बढ़ी तकरार ।बातें दो-चार ।।नेता प्रतिपक्ष ।किया पलटवार ।।राजद के कोटे से बेटा ।एमएलसी गये बन ।।बिलबिलाये मांझी ।दिये जवाब ।।गिड़गिड़ाये लालू ।जीतन जाईये मान ।।हुआ मान-मनौव्वल ।तब आये थे हम साथ ।।अभय सिंह ....

  • घृणा को प्रेम से जीतने के दावे सिवाय बौद्धिक हस्तमैथुन के और कुछ नहीं

    नाखून काटते समय गलती से उंगली का चमड़ा छिल जाय तो काँप उठते हैं हम... आप अंदाजा लगाइए कि उस लड़के को जब 400 बार चाकुओं से काटा गया होगा तो उसे कितनी पीड़ा हुई होगी। उसकी आँखें निकाल ली गयी हैं, उसके शरीर पर तेजाब डाला गया है, एक बार कल्पना कीजिये कि वह कितना तड़पा होगा... सोच कर देखिये कि उसकी जगह आप...

  • यह सबको समझना चाहिए कि आग, बाढ़, दंगा, भैंसा किसी के नहीं होते...

    मेरे मित्र के गाँव में एक भैंसा हुआ करता था.. भैंसा उसी गाँव का जन्मा था या किसी अन्य गाँव से भटक कर आया था, इसकी जानकारी मुझे नहीं....मित्र की जुबानी- भैंसा फसलों को खूब नुकसान पहुंचाता और प्रवृत्ति का..बेहद हिंसक था. आस-पास के दर्जनों गांव के लोग उसके आंतक की जद में थे. कोई ऐसा सप्ताह नहीं गुजरता...

  • AAP का पार्षद ... गुलेल, बमों से ...कर दिया तबाह : अभय सिंह

    आप का पार्षद ... है ताहिर हुसैन ।।लगा कर आग ।छिन लिया चैन ।।लग गयी धारा ।केस हुआ दर्ज ।।मिल चुका सबूत ।बमों का जखीरा ।।फैला कर हिंसा ।किया था गुमराह ।।गुलेल,बमों से ।कर दिया तबाह ।।जनता कासेवक ।हरकतें हैं घिनौना ।।सरकार ले संज्ञान ।उचित हो करवाई ।।

  • सन 1398, दिल्ली! तैमूरलंग को कपिल मिश्रा ने बुलाया था।

    सन 712! मुल्तान! मोहम्मद बिन कासिम को कपिल मिश्रा ने बुलाया था। उसी के कहने पर कासिम ने लाखों लोगों को मारा।सन 1398, दिल्ली! तैमूरलंग को कपिल मिश्रा ने बुलाया था।सन 1192, मोहम्मद गोरी को कपिल मिश्रा ने बुलाया था। मेहरौली के सत्ताईस जैन हिन्दू-जैन-बौद्ध मंदिरों को कपिल मिश्रा ने तुड़वाया था।सन 1526,...

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