खुद को हिन्दू कहने में हिचकते थे अखिलेश..., महाकुंभ पर बयान व गंगा स्नान को लेकर घिरे सपा अध्यक्ष

Update: 2025-01-15 14:46 GMT

महाकुंभ के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते मकर संक्रांति पर हरिद्वार में गंगा स्नान किया। वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद सियासत तेज हो गई है। अखिलेश ने कहा कि गंगा नदी हरिद्वार से पश्चिम बंगाल तक बहती हैं और हर जगह का अपना महत्वपूर्ण स्थान हैं। वह महाकुंभ में तब जाएंगे जब मां गंगा बुलाएंगी। इसी को लेकर लेकर काशी के स्वामी जीतेन्द्रानन्द ने भी अखिलेश पर तंज किया है।

2019 के बाद भी महाकुंभ में सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया है। सुविधाएं बढ़ीं हैं। सड़कें और अन्य संसाधनों में भी इजाफा हआ है। इसके लिए सरकार और अन्य विभागें कई महीनों से कार्य कर रही थीं। उक्त बातें अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने बुधवार को कही। उन्होंने सपा शासन पर भी निशाना साधा। कहा कि राजनीति में कुछ भी बयान देने से पहले कई बार सोच लेना चाहिए।

स्वामी जीतेन्द्रानन्द महाकुंभ से काशी आए थे। उन्होंने  कहा कि संन्यास मार्ग पर अब युवा भी चल पड़े हैं। इससे सनातन धर्म अपने शीर्ष शीखर पर है। आने वाला समय सनातनियों के लिए विशेष महत्व लेकर आएगा।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समय के हिसाब से खुद को परिवर्तित कर लेते हैं लेकिन यह राजनीतिज्ञों के लिए ठीक नहीं हैं। महाकुंभ को लेकर उन्होंने बीते दिनों विवादित वक्तव्य दिया था। अब वे उसी महाकुंभ में स्नान-दान कर रहे हैं। वे जन्मजात सनातनी हैं, उनके पिता भी इसी धर्म से जुड़े थे।

कहा कि एक समय था जब मुख्यमंत्री आवास में रोजा इफ्तार होता था आज वहीं लोग गंगा स्नान कर वीडियो और फोटो शूट करा रहे हैं। इससे ज्यादा सनातन धर्म का वैभव और क्या होगा। अखिलेश यादव को सद्बुद्धि आदि है। उन्हें सनातनी और हिन्दू कहने में हिचक होती थी। अखिलेश में स्वामी विवेकानंद का भाव जगा है। वे कहते थे गर्व से कहो हम हिन्दू हैं..., इसके लिए सपाध्यक्ष बधाई के पात्र हैं।

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