संभल की शाही जामा मस्जिद में 24 नवंबर को हुई हिंसा के जिम्मेदार आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस ने उनकी तस्वीरें जारी की हैं. इस हिंसा में 21 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिनकी तस्वीरें जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित की गई हैं. हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
संभल हिंसा के बाद जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पीआरओ और दो अन्य सिपाहियों पर हमले की सूचना पर पहुंचे डीआईजी, डीएम और एसपी पर सबसे पहले महिलाओं ने पथराव किया था। इसके बाद अन्य लोगों ने भी पत्थर फेंके थे।
यह बात अधिकारियों ने प्रेसवार्ता के दौरान बताई। कहा कि हिंदूपुरा खेड़ा में जब वह फोर्स के साथ पहुंचे थे तो तीन महिलाओं ने छतों से पुलिस पर पथराव किया। इसके अलावा अन्य लोग भी छतों से पथराव कर रहे थे। इसलिए तीन महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर भी नहीं मिली है।
एसपी ने कहा कि उपद्रवियों की पहचान कराई जा रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से 11 वीडियो जारी किए गए हैं। इसमें पांच वीडियो ड्रोन कैमरे, तीन कैमरे और तीन सीसीटीवी कैमरों के वीडियो हैं। इसमें उपद्रवी सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे में कैद उपद्रवियों के चेहरे साफ भी दिखाई दे रहे हैं और मास्क भी लगाया हुआ है।
यह उपद्रवी बवाल से पहले कैमरों को क्षतिग्रस्त करते हैं और फिर बवाल करते हैं। ड्रोन कैमरे भी तोड़ने के लिए पथराव किया लेकिन कैमरे तक पत्थर नहीं पहुंचा। अलग अलग वीडियो में अलग चेहरे दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो जामा मस्जिद के आसपास के हैं। एसपी ने बताया कि सभी चेहरों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। बवाल से पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़ने से पूरी आशंका है कि घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई है।