हर्रैया विधानसभा के किसानों की आवाज बने प्रवीण पाठक

Update: 2024-11-27 05:07 GMT

बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है। यहां के किसानों ने अपनी व्यथा प्रवीण पाठक के सामने रखी, जिनकी फसलें छुट्टा जानवरों के आतंक से बर्बाद हो रही हैं।

हर्रैया विधानसभा के किसानों की समस्याएं

हर्रैया के किसानों ने बताया कि आवारा पशु उनकी फसलें रातों-रात चट कर जाते हैं। महंगी बाड़बंदी के बावजूद इन छुट्टा जानवरों से निजात नहीं मिल पा रही है। किसान अपनी फसल बचाने के लिए रात-रातभर खेतों की रखवाली कर रहे हैं, जिससे न सिर्फ उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है, बल्कि कई बार पशुओं के हमले में किसान घायल भी हो जाते हैं।

प्रवीण पाठक का प्रयास

प्रवीण पाठक ने हर्रैया के किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को गहराई से समझा और सरकार से उनकी आवाज उठाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की है:

किसानों को सब्सिडी दर पर बाड़बंदी की सुविधा दी जाए।

प्रति बीघा ₹50,000 की आर्थिक सहायता किसानों के खातों में दी जाए।

आवारा पशुओं के लिए गोशालाओं का निर्माण किया जाए।

प्रवीण पाठक ने कहा, “हर किसान की मेहनत और फसल देश की संपत्ति है। उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

समस्या का समाधान जरूरी

हर्रैया के किसानों की यह समस्या न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर रही है, बल्कि खेती से उनका विश्वास भी डगमगा रहा है। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि किसान बिना किसी डर के अपनी खेती कर सकें।

“किसान खुशहाल होगा, तभी देश तरक्की करेगा।”

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