संभल हिंसा पर आरोपियों पर योगी सरकार सख्त, सार्वजनिक जगहों पर लगेंगे पत्थरबाजों के पोस्टर
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा के बाद कड़ा रुख अपनाया है। हिंसा में शामिल पत्थरबाजों और अन्य आरोपियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। सरकार ने ऐलान किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर पत्थरबाजों और हिंसा में शामिल आरोपियों के पोस्टर लगाए जाएंगे, ताकि उनकी पहचान जनता के बीच उजागर हो और उन्हें पकड़ने में मदद मिले।
इस फैसले का उद्देश्य दंगाइयों और हिंसा फैलाने वालों पर दबाव बनाना और आम जनता को उनकी पहचान से अवगत कराना है। यह कदम योगी सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति का हिस्सा है, जिसमें कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का प्रयास किया जाता है।
संभल में हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ था, और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। प्रशासन ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें उनकी संपत्तियों को कुर्क करने और नुकसान की भरपाई के लिए वसूली का कदम भी शामिल है।
इस प्रकार के कदम पहले भी उत्तर प्रदेश में अन्य हिंसक घटनाओं के बाद उठाए गए हैं, जैसे कि लखनऊ और अन्य जिलों में सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान। ऐसे पोस्टरों से प्रशासन को आरोपियों पर दबाव बनाने में मदद मिलती है, और यह संदेश जाता है कि हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।