आदित्य ओल्डएजहोम आलापुरबाबूरिया में पहली बार होली–ईद का विराट संयुक्त महोत्सव
रंगों की खुशबू और ईद की रूहानियत ने बुजुर्गों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान, सौहार्द की मिसाल बनी आयोजन की छटा
अनवार खाँ मोनू
बाराबंकी।
आदर्श कल्याण सेवा समिति बहराइच के द्वारा संचालित आदित्य ओल्डएजहोम आलापुर बाबूरिया में सोमवार को होली एवं ईद मिलन का अनोखा और भव्य संयुक्त समारोह आयोजित हुआ। यह अवसर न सिर्फ रंगों और खुशियों का संगम साबित हुआ बल्कि धार्मिक सौहार्द, मानवता, परस्पर प्रेम और अपनत्व की एक नई मिसाल भी बनकर उभरा। आश्रम के वृद्ध माता-पिता जिनके जीवन में अक्सर अकेलापन व्याप्त रहता है, इस आयोजन ने उनके चेहरे पर अपार प्रसन्नता बिखेर दी।
समारोह का शुभारंभ आश्रम के प्रबंधक एवं वरिष्ठ समाजसेवक अनिल कुमार प्रधान द्वारा किया गया। वे बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ वृद्ध माता-पिता के बीच पहुँचे, उनके माथे पर अबीर–गुलाल लगाया और प्रेमपूर्वक गले मिलकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने आश्रम परिसर में ऐसा भावनात्मक वातावरण निर्मित कर दिया, जिसमें हर व्यक्ति स्वयं को परिवार का हिस्सा महसूस कर रहा था।
अनिल कुमार प्रधान ने सभी आश्रमवासियों और स्टाफ को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान की परंपरा को और मजबूत किया। यह क्षण अत्यंत हृदयस्पर्शी रहा। वहीं, फूलों की होली का आयोजन इतना मनोहारी था कि रंगों और पुष्पों की वर्षा से पूरा आश्रम अनुकरणीय सौहार्द और उल्लास का केंद्र बन गया। इसके बाद ईद मिलन के तहत सभी ने एक-दूसरे को गले लगाया, “ईद मुबारक” की शुभकामनाएँ दीं और भाईचारे का अमिट संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान वृद्ध माता-पिता की खुशियों का ठिकाना नहीं था। वे रंगों के बीच खिलखिलाए, संगीत की धुनों पर झूम उठे और लंबे समय बाद परिवार जैसा माहौल पाकर भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर सभी ने मिलकर फल और मिष्ठान ग्रहण किया, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।
पूरे समारोह का संचालन अत्यंत कुशलता, शालीनता और समर्पण के साथ आश्रम वार्डन कुमारी अनुभा श्रीवास्तव ने किया। उनकी सहज, संवेदनशील और व्यवस्थित व्यवस्थाओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। आश्रम का पूरा स्टाफ उनकी मदद में तत्पर रहा, जिससे आयोजन सुचारू और गरिमामय रूप से संपन्न हुआ।
यह भी उल्लेखनीय रहा कि आदित्य ओल्डएजहोम आलापुर बाबूरिया में होली और ईद का संयुक्त आयोजन पहली बार किया गया। इस ऐतिहासिक पहल की लोगों ने जमकर सराहना की। उपस्थित सभी ने इसे सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सद्भाव और भारतीय संस्कृति की सुंदरता का जीवंत उदाहरण बताया। बुजुर्गों ने भी आयोजन को अत्यंत भावुकता के साथ स्वीकार किया और कहा कि ऐसे आयोजन उनके जीवन में रंग भर देते हैं।
समारोह के अंत में प्रबंधक अनिल कुमार प्रधान ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया, आश्रम में निवास कर रहे सभी वृद्ध माता-पिता से पुनः आशीर्वाद प्राप्त किया और उनकी स्वस्थ, दीर्घायु एवं सुखपूर्ण जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि आश्रम सिर्फ सुविधा का केंद्र नहीं, बल्कि भावनाओं और परिवार का रूप है, जहाँ बुजुर्गों की सेवा ही सर्वोच्च धर्म है।