वडोदरा : आदिवासी अधिकार सम्मेलन में राहुल गांधी का बड़ा बयान, मोदी-अडाणी और विदेश नीति पर उठाए सवाल

Update: 2026-03-24 08:36 GMT


रिपोर्ट : विजय तिवारी

गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्योगपति गौतम अडानी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कई बड़े राजनीतिक बयान दिए। उनके भाषण के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जब राहुल गांधी ने काफिला रुकवाकर बच्चे से लिया स्केच

वडोदरा दौरे के दौरान एक भावुक और मानवीय दृश्य भी देखने को मिला। जब राहुल गांधी का काफिला शहर से गुजर रहा था, तब सड़क किनारे खड़ा लगभग 7 साल का एक बच्चा हाथ में राहुल गांधी का बनाया हुआ स्केच लेकर उनका इंतजार कर रहा था।

बताया जाता है कि बच्चे का नाम युग तिवारी है और वह राहुल गांधी को अपना बनाया स्केच देना चाहता था। जैसे ही राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां वहां से गुजर रही थीं, उनकी नजर उस बच्चे पर पड़ी। बच्चे के हाथ में अपना स्केच देखकर राहुल गांधी ने तुरंत काफिला रुकवाया और गाड़ी से उतरकर सीधे बच्चे के पास पहुंचे।

राहुल गांधी ने बच्चे से बातचीत की, उसका बनाया स्केच अपने हाथों से लिया और उसे धन्यवाद कहा। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर उत्साहित हो गए और कुछ देर के लिए वहां लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। वहां मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।

राजनीतिक कार्यक्रमों और भाषणों के बीच यह घटना एक अलग मानवीय पहलू को दिखाती है, जहां व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद एक छोटे बच्चे की भावनाओं को महत्व दिया गया। वडोदरा दौरे के दौरान यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे एक भावुक और सकारात्मक पल के रूप में देखा जा रहा है।

आदिवासी अधिकार संवाद में बड़ा राजनीतिक भाषण

वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संवाद कार्यक्रम में राहुल गांधी ने आदिवासी समाज के अधिकार, संविधान, जल-जंगल-जमीन, केंद्र सरकार की नीतियों, बड़े उद्योग समूहों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे कई मुद्दों पर विस्तृत भाषण दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय प्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और देश की जल, जंगल और जमीन पर उनका पहला अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी शब्द का मतलब इस देश के असली मालिक होता है।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि कुछ संगठन आदिवासियों को “वनवासी” कहकर उनकी पहचान बदलने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार “वनवासी” शब्द यह दर्शाने की कोशिश करता है कि आदिवासी केवल जंगल में रहने वाले लोग हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि वे इस देश के मूल निवासी हैं और प्राकृतिक संसाधनों पर उनका पारंपरिक अधिकार रहा है।

अडाणी और आर्थिक ढांचे को लेकर आरोप

अपने भाषण में राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडाणी और केंद्र सरकार के संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे पोर्ट, एयरपोर्ट, सीमेंट, ऊर्जा, सोलर पावर, विंड पावर और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में एक ही उद्योग समूह का प्रभाव तेजी से बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि देश का बड़ा आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर ढांचा कुछ बड़े उद्योग समूहों के हाथ में केंद्रित होता जा रहा है, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ सकती है और छोटे उद्योगों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से कुछ बड़े उद्योग समूहों को अधिक लाभ मिला है।

ट्रम्प और विदेश नीति को लेकर बयान

राहुल गांधी ने अपने भाषण में अमेरिका की राजनीति और भारत की विदेश नीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रही है और बाहरी दबाव का असर दिखाई देता है।

उन्होंने तेल और प्राकृतिक गैस खरीद, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश नीति जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अपनी विदेश नीति पूरी तरह स्वतंत्र रखनी चाहिए और राष्ट्रीय हितों के आधार पर निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत होनी चाहिए और देश के प्रधानमंत्री को हर मुद्दे पर स्पष्ट और मजबूत रुख रखना चाहिए।

संसद और लोकतंत्र पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने अपने भाषण में संसद की कार्यवाही और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद देश का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है और वहां देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में पर्याप्त चर्चा नहीं होती और विपक्ष के सवालों का पूरा जवाब नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

संविधान और आदिवासी अधिकार का मुद्दा

राहुल गांधी ने कहा कि संविधान देश के गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के कारण जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए और उनके अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

राहुल गांधी के इस भाषण के बाद देश का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में आदिवासी अधिकार, उद्योग समूह, आर्थिक नीति, विदेश नीति और संविधान जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

वडोदरा दौरे के दौरान एक ओर जहां राहुल गांधी ने आदिवासी अधिकार, आर्थिक नीति, उद्योग समूह और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा, वहीं दूसरी ओर एक छोटे बच्चे से मिलकर उसका स्केच स्वीकार करने की घटना ने उनके दौरे को मानवीय और भावनात्मक पहलू भी दिया। वडोदरा का यह दौरा राजनीतिक बयान और मानवीय दृश्य—दोनों वजहों से चर्चा में बना हुआ है।

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