पुतुल दिवस पर पुस्तक मेले में कठपुतली प्रदर्शन, अंतिम दिन आज

Update: 2026-03-21 13:13 GMT


लखनऊ, 21 मार्च। रवीन्द्रालय चारबाग में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेला अपने नौवें दिन भी उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों से सराबोर रहा। ईद के अवकाश के चलते पुस्तक प्रेमियों की भीड़ देर रात तक मेले में बनी रही। साहित्यिक मंच पर विविध कार्यक्रमों और चर्चाओं का सिलसिला लगातार जारी रहा।

अंतरराष्ट्रीय पुतुल दिवस के अवसर पर काफिला नाट्य संस्थान के कलाकारों ने मेराज आलम के निर्देशन में आकर्षक कठपुतली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। इस दौरान पारंपरिक कलाकार नौशाद की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।

साहित्यिक गतिविधियों के अंतर्गत “कलम से कम्प्यूटर” विषय पर आयोजित परिचर्चा में डॉ. सुधाकर अदीब ने अपने विचार व्यक्त किए। वहीं, रमाकांत श्रीवास्तव स्मृति संस्थान की ओर से “नमन के भाव सुमन” और “रससिद्ध कवि क्रांतिकारी हितैषी” का विमोचन किया गया। इसी क्रम में मिथिलेश दीक्षित की पुस्तक मेरा साक्षात्कार का लोकार्पण भी हुआ। कार्यक्रम में डॉ. अमिता दुबे, अलका प्रमोद, करुणा पांडेय, सुशील अवस्थी और विनय श्रीवास्तव सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे।

प्रो. नरेशचन्द्र त्रिपाठी की पुस्तक एक राम अनेक आयाम के विमोचन अवसर पर डॉ. विद्या विंदु सिंह, दयानंद पांडेय, डॉ. विशम्भर शुक्ल, प्रो. उमाशंकर शुक्ल ‘शितिकण्ठ’, प्रद्युम्न तिवारी और विनय दास ने अपने विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त आलोक दुबे के कथा संग्रह का भी विमोचन किया गया।

आज होंगे समापन के कार्यक्रम

पुस्तक मेले का समापन 22 मार्च को होगा। अंतिम दिन प्रातः 11 बजे डॉ. रुचि श्रीवास्तव की पुस्तक का विमोचन होगा। इसके बाद काव्योत्सव, पुस्तक परिचर्चा, जल दिवस कार्यक्रम, कविता-कहानी सत्र, समापन समारोह तथा सम्मान व गोष्ठी जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

लखनऊ पुस्तक मेला साहित्य, कला और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है, जहां पाठकों और रचनाकारों का उत्साह लगातार देखने को मिल रहा है।

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